Bihar के सोनवर्षा में शुरू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री, अब घर बैठे हो सकेगा जमीन का पंजीकरण

Bihar/Saharsa : बिहार के सहरसा जिले के सोनवर्षा में जमीन की रजिस्ट्री का तरीका बदल गया है। अब यहाँ ‘बिहार निबंधन नियमावली-2026’ के तहत पहली बार पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की गई है। इस नई व्यवस्था का मकसद जमीन, प्

Bihar/Saharsa : बिहार के सहरसा जिले के सोनवर्षा में जमीन की रजिस्ट्री का तरीका बदल गया है। अब यहाँ ‘बिहार निबंधन नियमावली-2026’ के तहत पहली बार पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की गई है। इस नई व्यवस्था का मकसद जमीन, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री को पूरी तरह डिजिटल बनाना है ताकि लोगों को दलालों के चक्कर न काटने पड़ें और काम में पारदर्शिता आए।

सोनवर्षा अवर निबंधन कार्यालय को राज्य के उन 10 चुनिंदा दफ्तरों में रखा गया है जहाँ पहले चरण में यह डिजिटल सिस्टम लागू किया गया है। 18 जुलाई 2026 को इस सेवा की शुरुआत हुई, हालांकि पहले दिन जानकारी की कमी के कारण कई लोगों ने पुराने कागजी तरीके को ही चुना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 जुलाई को हाजीपुर में इस प्रणाली का उद्घाटन किया था।

इस नई व्यवस्था में सबसे बड़ी राहत बुजुर्गों को मिली है। 75 या 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक अब रजिस्ट्री ऑफिस जाने की परेशानी से बच सकेंगे। विभाग के कर्मचारी उनके घर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य डिजिटल औपचारिकताएं पूरी करेंगे, बस इसके लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा।

रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ई-पंजीकरण पोर्टल पर खाता बनाना होगा। पंजीकरण के लिए 13 जरूरी जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिनमें खाता संख्या, खसरा, मौजा, थाना और जमाबंदी जैसे विवरण शामिल हैं। आवेदन के बाद अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी इसकी जांच करेंगे और 10 दिनों के भीतर आवेदक को मैसेज के जरिए सूचित किया जाएगा।

इस काम को आसान बनाने के लिए सरकार ने ‘सेवा प्रदाता’ का कॉन्सेप्ट लाया है। लाइसेंस प्राप्त नवीस, स्टाम्प वेंडर और वकील अब सेवा प्रदाता के रूप में काम करेंगे। ये लोग ऑनलाइन डेटा एंट्री, ई-साइन, बायोमेट्रिक सत्यापन और स्टाम्प शुल्क की गणना जैसे कामों में लोगों की मदद करेंगे।