Bihar के सीतामढ़ी में सीतापुरम टाउनशिप की तैयारी, 33 गांवों में 2027 तक जमीन की रजिस्ट्री पर रोक

Bihar/Sitamarhi : सीतामढ़ी में एक भव्य सैटेलाइट टाउनशिप ‘सीतापुरम’ बनाने की तैयारी चल रही है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए बिहार सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए इलाके के 33 गांवों और कई वार्डों में जमीन की खरीद-बिक्

Bihar/Sitamarhi : सीतामढ़ी में एक भव्य सैटेलाइट टाउनशिप ‘सीतापुरम’ बनाने की तैयारी चल रही है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए बिहार सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए इलाके के 33 गांवों और कई वार्डों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। यह पाबंदी 30 जून 2027 तक लागू रहेगी ताकि मास्टर प्लान के हिसाब से शहर का विकास हो सके।

नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है, जिस पर अपर सचिव मनोज कुमार के हस्ताक्षर हैं। सरकार ने बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) के तहत यह कदम उठाया है। अब इन क्षेत्रों में जमीन का हस्तांतरण, भूमि विकास और नए मकान बनाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीतापुरम टाउनशिप लगभग 10,000 एकड़ के बड़े इलाके में विकसित की जाएगी, जिसमें 532 एकड़ का मुख्य कोर एरिया होगा। इस योजना में डूमरा, रीगा और परसौनी ब्लॉक के गांव और सीतामढ़ी नगर परिषद के कई वार्ड शामिल हैं। सरकार का मकसद मास्टर प्लान 2041 के जरिए एक नियोजित शहर बसाना है, जिससे भू-माफियाओं की मनमानी और बिना प्लानिंग के होने वाले निर्माण पर लगाम लग सके।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर हुडको (HUDCO) के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का समझौता किया है, जिसके तहत बिहार में 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप बनाए जाएंगे। किसानों को राहत देने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को जमीन खरीदने का अधिकार दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपनी जमीन सरकार को बेच सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि किसानों को जमीन का मुआवजा 30 दिनों के भीतर दे दिया जाएगा।

हालांकि, राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद से मंजूर निवेश परियोजनाओं के लिए निवेशकों को जमीन लीज पर लेने या खरीदने की अनुमति दी गई है। सामान्य जनता के लिए जमीन की रजिस्ट्री और नए निर्माण पर प्रतिबंध फिलहाल बरकरार है।