Bihar के सीतामढ़ी में प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह का दौरा, शिकायतों के निपटारे में लापरवाही पर अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी

Bihar: सीतामढ़ी जिले की प्रभारी मंत्री और खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जन सहयोग पोर्टल पर आई शिकायतों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने साफ कहा कि जन

Bihar: सीतामढ़ी जिले की प्रभारी मंत्री और खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जन सहयोग पोर्टल पर आई शिकायतों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए, वरना अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जन सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 क्या है

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 मई 2026 को जन सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 की शुरुआत की थी। इसका मुख्य मकसद आम लोगों की शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करना और उनका 30 दिनों के भीतर समाधान करना है। सरकार चाहती है कि प्रशासन पारदर्शी बने और लोगों को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

सहयोग शिविरों का निरीक्षण और अधिकारियों को चेतावनी

मंत्री श्रेयसी सिंह ने 20 मई 2026 को रुन्नीसैदपुर के अथरी, डुमरा के आजमगढ़ और रीगा के अन्हारी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने सीओ समेत सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर समस्याओं को 30 दिनों में हल करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शिकायतों के निपटारे में लापरवाही मिली, तो मामला CMO तक पहुंचने से पहले ही संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा।

प्रशासन के लिए नए निर्देश और लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि अब ब्लॉक प्रशासन खुद शिविरों के जरिए जनता तक पहुंचेगा। शिविरों में मिलने वाले सभी आवेदनों को अनिवार्य रूप से सहयोग पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस पूरी पहल का आधार सबका सम्मान, जीवन आसान का मंत्र है। राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने भी शिकायतों की निगरानी के लिए एक अलग मॉनिटरिंग सेल बनाया है ताकि काम में तेजी आए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जन सहयोग पोर्टल पर शिकायत का समाधान कितने दिनों में होगा

सरकार के नियमों के अनुसार, जन सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 पर दर्ज शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी

मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि जनता के आवेदनों का समय पर निपटारा नहीं हुआ, तो दोषी अधिकारियों को सीधे निलंबित किया जा सकता है।