Bihar के सीतामढ़ी में मंत्री के सामने ही मांगी 50 हजार की रिश्वत, डेटा एंट्री ऑपरेटर निलंबित
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान की जन सुनवाई चल रही थी, तभी एक कर्मचारी ने उनके सामने
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में भ्रष्टाचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान की जन सुनवाई चल रही थी, तभी एक कर्मचारी ने उनके सामने ही रिश्वत की मांग कर डाली। मंत्री ने इस हरकत पर कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी कर्मचारी को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया।
यह पूरी घटना शनिवार, 1 अगस्त 2026 को हुई। जानकारी के मुताबिक, सीतामढ़ी के सोनबरसा इलाके में हुई हिंसक झड़प और पत्थरबाजी से जुड़े एक एससी-एसटी केस (संख्या 129-26) के पीड़ितों को 50,000 रुपये की अनुदान राशि मिलनी थी। इसी राशि को जारी करने के बदले डेटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार ने शिकायतकर्ता कमलेश पासवान से रिश्वत मांगी थी।
जब यह बात मंत्री लखेंद्र पासवान के सामने आई, तो उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी (DWO) को निर्देश दिया कि एक घंटे के भीतर चंदन कुमार को निलंबित किया जाए। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जिला कल्याण पदाधिकारी ने कर्मचारी को बर्खास्त भी कर दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
मंत्री ने केवल इस कर्मचारी पर ही नहीं, बल्कि अन्य अधिकारियों की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं जो इस तरह के कामों में शामिल हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने सीतामढ़ी के एसपी से इस पूरे मामले की दोबारा जांच कराने की बात कही है। शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया गया है कि नियमों के अनुसार उन्हें योजना का लाभ जल्द मिलेगा और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अंतिम फैसला विभागीय जांच के बाद ही तय होगा।