Bihar में श्रावणी मेला 2026 की तैयारी तेज, हर 2 किमी पर लगेंगे हेल्थ कैंप, मंत्री निशांत ने की समीक्षा

Bihar: बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पटना में एक उच्चस्तरीय बैठक कर पूरी व्यवस्था की समीक

Bihar: बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने पटना में एक उच्चस्तरीय बैठक कर पूरी व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि कांवरियों को इलाज के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सुल्तानगंज से देवघर तक के रास्ते पर हर 2 से 3 किलोमीटर पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।

इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि और 14 जिलों के सिविल सर्जन मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि इन शिविरों में डॉक्टरों, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती तीन शिफ्टों में होगी ताकि 24 घंटे इलाज मिल सके। भागलपुर, मुंगेर और बांका के रास्तों पर कुल 42 स्वास्थ्य शिविर बनाए जाएंगे, जहाँ 17 जिलों से आए 129 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। हर कैंप में 114 से 121 तरह की सामान्य दवाएं और 12 तरह की जीवन रक्षक दवाएं मौजूद रहेंगी। साथ ही ऑक्सीजन, बेड और नेबुलाइजर जैसी जरूरी मशीनें भी रखी जाएंगी।

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरे रास्ते पर ALS और BLS एम्बुलेंस तैनात रहेंगी, जिसमें बांका जिले में अकेले 16 एम्बुलेंस सक्रिय रहेंगी। श्रावणी मेला 2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा। प्रशासन ने कुछ सख्त नियम भी लागू किए हैं, जिसके तहत वाहनों की छतों पर यात्रा करना और देवघर में डबल डेकर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। साथ ही वीआईपी दर्शन पर रोक रहेगी ताकि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

सुविधा/नियम विवरण
हेल्थ कैंप की दूरी हर 2 से 3 किलोमीटर पर
कुल स्वास्थ्य शिविर 42 (भागलपुर, मुंगेर, बांका पथ पर)
तैनात डॉक्टर 129 डॉक्टर (17 जिलों से)
दवाओं की उपलब्धता 114-121 सामान्य और 12 जीवन रक्षक दवाएं
मेला की अवधि 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026
विशेष प्रतिबंध छत पर यात्रा और VIP दर्शन प्रतिबंधित

मेले को भव्य बनाने के लिए सुल्तानगंज में ड्रोन और लेजर शो के साथ उद्घाटन होगा। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 2650 बेड वाली टेंट सिटी तैयार की जा रही है और खाने-पीने की व्यवस्था जीविका दीदी की रसोई के जरिए होगी। खाने और दवाओं की क्वालिटी चेक करने के लिए फूड और ड्रग इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए बिहार और झारखंड के अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल की बैठक भी पूरी हो चुकी है।