Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में हाई-टेक इंडस्ट्री लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026’ के तहत कंपनियों को लुभाने के लिए भारी छूट और प्रोत्साहन देने का ऐलान किया है। इसका मु
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में हाई-टेक इंडस्ट्री लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026’ के तहत कंपनियों को लुभाने के लिए भारी छूट और प्रोत्साहन देने का ऐलान किया है। इसका मुख्य मकसद राज्य में निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके पैदा करना है।
बिहार सेमीकंडक्टर नीति के तहत क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
- परियोजना लागत के हर ₹100 करोड़ पर ₹1 प्रति एकड़ की टोकन दर से जमीन मिलेगी।
- स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और जमीन बदलने के शुल्क में पूरी छूट दी जाएगी।
- बिहार सरकार अन्य राज्यों के मुकाबले 10% ज्यादा कैपिटल सब्सिडी देगी।
- कंपनियों को पेटेंट सब्सिडी और ट्रेनिंग के पूरे खर्च की वापसी की जाएगी।
निवेश और रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
इस नीति के जरिए राज्य में लगभग ₹25,000 करोड़ का निवेश आने की उम्मीद है। सरकार की योजना तीन बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट्स लगाने की है, जिसमें फैब्रिकेशन और पैकेजिंग सुविधाएं शामिल होंगी। इससे राज्य के करीब 2 लाख लोगों को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से काम मिल सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इसे राज्य के आर्थिक विकास के लिए जरूरी बताया है।
कैसे होगा इस योजना का क्रियान्वयन?
पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘बिहार सेमीकंडक्टर मिशन’ बनाया गया है। निवेशकों को परेशानी न हो, इसके लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाना है, जिससे स्थानीय युवाओं को बाहर न जाना पड़े।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में सेमीकंडक्टर कंपनियों को जमीन कितने में मिलेगी?
बिहार सरकार प्रोजेक्ट लागत के हर ₹100 करोड़ पर ₹1 प्रति एकड़ की टोकन दर से जमीन उपलब्ध कराएगी।
इस नीति से कितने रोजगार मिलने की संभावना है?
इस नीति के लागू होने से विनिर्माण और अन्य सेवाओं में लगभग 2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।