Bihar : बिहार की मिट्टी ने कई ऐसे हीरे दिए हैं जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर दुनिया भर में नाम कमाया है। राज्य के कई उद्यमियों ने बिना किसी बड़ी विरासत के, शून्य से शुरुआत की और भारत की सबसे बड़ी कंपनियों का साम्राज्य खड
Bihar : बिहार की मिट्टी ने कई ऐसे हीरे दिए हैं जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर दुनिया भर में नाम कमाया है। राज्य के कई उद्यमियों ने बिना किसी बड़ी विरासत के, शून्य से शुरुआत की और भारत की सबसे बड़ी कंपनियों का साम्राज्य खड़ा किया। इन लोगों की सफलता की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
बिहार के प्रमुख सेल्फ-मेड बिजनेसमैन और उनकी कंपनियां
बिहार से निकले इन कारोबारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। इनमें खनन, फार्मा और आईटी जैसे बड़े सेक्टर शामिल हैं।
| बिजनेसमैन |
कंपनी |
खास बात |
| Anil Agarwal |
Vedanta Resources |
स्क्रैप मेटल से शुरुआत कर ग्लोबल माइनिंग दिग्गज बनाया |
| Samprada Singh |
Alkem Laboratories |
₹5 लाख के निवेश से शुरू की बड़ी फार्मा कंपनी |
| Subrata Roy |
Sahara India |
फाइनेंस और रियल एस्टेट में बड़ा साम्राज्य खड़ा किया |
| Mahendra Prasad |
Aristo Pharmaceuticals |
मुंबई में स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में बड़ा नाम बनाया |
| Ravindra Kishore Sinha |
SIS India |
सिर्फ ₹250 के निवेश से ₹3200 करोड़ का कारोबार खड़ा किया |
कंपनियों की वैल्यू और बाजार में उनकी स्थिति
इन उद्यमियों द्वारा बनाई गई कंपनियों का बाजार मूल्य काफी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, Vedanta Limited का मार्केट कैप लगभग ₹2.8 लाख करोड़ है। Alkem Laboratories की वैल्यू ₹55-60 हजार करोड़ के बीच है, जबकि Nutanix की वैल्यू ₹80 हजार करोड़ से ₹1 लाख करोड़ के आसपास है।
इसके अलावा DeHaat और Tiger Analytics जैसी नई दौर की कंपनियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। इन प्रमुख कंपनियों का कुल संयुक्त बाजार मूल्य लगभग ₹4.5 लाख करोड़ से ₹5 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया है। यह आंकड़ा बताता है कि बिहार के उद्यमियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक कौन हैं और उन्होंने कैसे शुरुआत की?
वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक पटना के अनिल अग्रवाल हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्क्रैप मेटल के व्यापार से की थी और बाद में इसे एक वैश्विक खनन समूह में बदल दिया।
SIS इंडिया की शुरुआत कितनी पूंजी से हुई थी?
बक्सर के रवींद्र किशोर सिन्हा ने SIS इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत मात्र ₹250 के निवेश से की थी, जिसका कारोबार आज ₹3200 करोड़ तक पहुंच गया है।