Bihar: राज्य के सरकारी स्कूलों में शनिवार को आधे दिन (Half Day) की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने की चर्चा तेज हो गई है। शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को देखते हुए सम्राट सरकार इस पर विचार कर रही है। अगर यह
Bihar: राज्य के सरकारी स्कूलों में शनिवार को आधे दिन (Half Day) की पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने की चर्चा तेज हो गई है। शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को देखते हुए सम्राट सरकार इस पर विचार कर रही है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो राज्य के करीब पौने छह लाख शिक्षकों और करोड़ों छात्र-छात्राओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
शनिवार हाफ डे को लेकर अब तक क्या हुआ
दिसंबर 2023 में शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर शनिवार को भी पूरे दिन स्कूल खुला रखने का नियम बनाया था। इसके बाद फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आश्वासन पर स्कूलों का समय 8 घंटे से घटाकर 6 घंटे (सुबह 10 से शाम 4 बजे) कर दिया गया था। अब शिक्षक संगठन फिर से शनिवार को हाफ डे करने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षकों की मांग और सरकार का रुख
बिहार विशेष अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ ने NEP 2020 का हवाला देते हुए प्रस्ताव दिया है कि महीने के पहले और तीसरे शनिवार को छुट्टी रहे और दूसरे व चौथे शनिवार को आधे दिन की ‘बैगलेस’ क्लास हो। मई 2026 में शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर इस व्यवस्था को बहाल करने की अपील की है। हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है और मामला समीक्षा के अधीन है।
क्या होगा छात्रों और शिक्षकों को फायदा
हाफ डे की व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को अपने प्रशासनिक कार्यों और तैयारी के लिए समय मिलेगा। वहीं, छात्रों के मानसिक विकास के लिए NEP 2020 के तहत शनिवार को कम समय की कक्षाएं और रचनात्मक गतिविधियों पर जोर देने का सुझाव दिया गया है। सरकार इस संबंध में जल्द ही कोई अंतिम फैसला ले सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बिहार के स्कूलों में शनिवार को हाफ डे लागू हो गया है?
नहीं, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इसकी मांग की है और मामला अभी विचारधीन है।
शिक्षकों ने शनिवार के लिए क्या प्रस्ताव दिया है?
प्रस्ताव के अनुसार, महीने के पहले और तीसरे शनिवार को पूर्ण अवकाश रहे और दूसरे व चौथे शनिवार को आधे दिन की बैगलेस कक्षाएं संचालित की जाएं।