Bihar: बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में अब पढ़ाई और प्रबंधन का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने नए नियम लागू किए हैं जिससे अब स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे और न ही अभिभावकों को किसी खास दुकान से
Bihar: बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में अब पढ़ाई और प्रबंधन का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने नए नियम लागू किए हैं जिससे अब स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे और न ही अभिभावकों को किसी खास दुकान से ड्रेस या किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर सकेंगे। इस बदलाव का सीधा असर राज्य के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता पर पड़ेगा जिससे उनकी जेब पर बोझ कम होगा।
नई स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (SMC) से क्या बदलेगा
शिक्षा मंत्रालय की नई गाइडलाइन के बाद अब सभी स्कूलों में नई मैनेजमेंट कमिटी बनाई जा रही है। इस कमिटी में 75% सदस्य बच्चों के माता-पिता होंगे और आधे सदस्य महिलाएं होंगी। अब स्कूल को कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अभिभावकों की राय और अनुमति लेनी होगी। मध्याह्न भोजन की क्वालिटी से लेकर स्कूल के बुनियादी ढांचे के विकास तक में अभिभावकों की निर्णायक भूमिका होगी। सारण जिले में इसे लेकर सख्ती बरती जा रही है और सभी स्कूलों को एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
किताब, यूनिफॉर्म और फीस के नए नियम क्या हैं
निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए अब कई कड़े कदम उठाए गए हैं। अब कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी खास ब्रांड या दुकान से ड्रेस और कॉपी खरीदने के लिए दबाव नहीं डाल सकेगा। स्कूलों को केवल यूनिफॉर्म का पैटर्न अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर देना होगा। इसके अलावा, फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी और बिना नियम के फीस नहीं बढ़ाई जा सकेगी। कक्षा 9 से 12 तक के लिए प्रवेश और शिक्षण शुल्क पहले से ही तय कर दिया गया है।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर क्या होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि निजी स्कूल अब व्यापारिक संस्थान की तरह नहीं बल्कि समाज सेवा की भावना से चलेंगे। अगर कोई स्कूल फीस बकाया होने पर बच्चे को परीक्षा से रोकता है या जबरन अतिरिक्त किताबें खरीदने का दबाव बनाता है, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अलावा, 36 साल बाद NOC की शर्तों में बदलाव किया गया है, जिसमें निजी स्कूलों को अपने पास के सरकारी स्कूल के बुनियादी ढांचे के काम में भी मदद करनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अब निजी स्कूल किसी खास दुकान से ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर कर सकते हैं?
नहीं, नए नियमों के मुताबिक अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से कहीं से भी किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकते हैं। स्कूल केवल ड्रेस का पैटर्न बताएंगे, किसी खास दुकान का दबाव नहीं डाल सकेंगे।
फीस बकाया होने पर क्या स्कूल बच्चे को परीक्षा से रोक सकता है?
नहीं, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि फीस बकाया होने की स्थिति में किसी भी छात्र को परीक्षा देने या रिजल्ट मिलने से वंचित नहीं किया जाएगा।