Bihar : बिहार सरकार राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले कोर एरिया तैयार किया जाएगा, जिससे इन इलाकों में जमीन की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। सरकार का मकसद खेती पर
Bihar : बिहार सरकार राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले कोर एरिया तैयार किया जाएगा, जिससे इन इलाकों में जमीन की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। सरकार का मकसद खेती पर आधारित बस्तियों को बदलकर उन्हें आईटी और कमर्शियल सेंटर बनाना है ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
किसानों को क्या फायदा होगा और जमीन का क्या होगा
इन टाउनशिप के लिए सरकार Land-pooling मॉडल अपनाएगी। इसके तहत जिन किसानों की जमीन इस योजना में शामिल होगी, उन्हें विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिलेगा। Urban Development and Housing Department के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि इससे जमीन की कीमत 10 से 20 गुना तक बढ़ सकती है। जो किसान लैंड पूलिंग नहीं चाहेंगे, उन्हें बाजार भाव पर भुगतान और Transfer of Development Rights (TDR) का विकल्प दिया जाएगा, जिससे उन्हें जमीन की कीमत से पांच गुना ज्यादा फायदा मिल सकता है।
किन शहरों में बनेंगे टाउनशिप और क्या है नया नाम
सरकार ने 11 शहरों के लिए नए नाम और पहचान तय की है। पटना के आसपास विकसित होने वाले इलाके को पाटलिपुत्र कहा जाएगा, जिसमें बिहटा, फतुहा और पुनपुन पर फोकस होगा। गया को मगध, दरभंगा को मिथिला, भागलपुर को विक्रमशिला, मुजफ्फरपुर को तिरहुत और सीतामढ़ी को सीतापुरम नाम दिया गया है। इसके अलावा सोनपुर (हरिहरनाथपुरम), सहरसा (कोशी), पूर्णिया (पूर्णिया), मुंगेर (अंग) और छपरा (सारण) में भी टाउनशिप बनेंगे।
जमीन की खरीद-बिक्री पर कब तक है रोक
अवैध कब्जों और सट्टेबाजी को रोकने के लिए सरकार ने कुछ इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री और निर्माण पर रोक लगा दी है। पटना, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर और सोनपुर में यह रोक 31 मार्च 2027 तक रहेगी। वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में यह पाबंदी 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। यह रोक तब तक रहेगी जब तक इन इलाकों का मास्टर प्लान फाइनल नहीं हो जाता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लैंड पूलिंग मॉडल में किसानों को क्या मिलेगा?
लैंड पूलिंग मॉडल के तहत किसानों को उनकी जमीन के बदले विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिलेगा। इससे जमीन की कीमत में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
किन जिलों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी है?
पटना, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, सोनपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में मास्टर प्लान तैयार होने तक रजिस्ट्री पर रोक है।