Bihar के सारण में शिक्षा विभाग का बड़ा घोटाला, 27 लाख सैलरी वाले अधिकारी के खाते में मिले 2.51 करोड़ रुपये
Bihar/Saran : सारण के शिक्षा विभाग में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत कुमार हरिजन पर आय से अधिक संपत्ति बनाने और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक जांच रिपोर्ट में खुलास
Bihar/Saran : सारण के शिक्षा विभाग में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत कुमार हरिजन पर आय से अधिक संपत्ति बनाने और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अधिकारी की सैलरी के मुकाबले उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा हुए हैं।
मामला तब शुरू हुआ जब शिक्षा विभाग के ठेकेदार रवि कुमार राम ने आरोप लगाया कि DPO अजीत कुमार हरिजन ने उनसे 12.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के मुताबिक, ठेकेदार ने 10.70 लाख रुपये नकद और करीब 1.03 लाख रुपये ऑनलाइन तरीके से अधिकारी के परिवार और रिश्तेदारों को दिए थे। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच बिठाई।
जांच समिति ने पाया कि अगस्त 2023 से अप्रैल 2026 के बीच अजीत कुमार हरिजन का कुल वेतन 27.43 लाख रुपये था। लेकिन इसी दौरान उनके और उनकी पत्नी के खातों में 2.51 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हुए। इसके अलावा उनकी पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर एकमा प्रखंड में 120 कट्ठा जमीन खरीदी गई, जिसकी कीमत करीब 41.5 लाख रुपये है और एक मकान भी बनवाया गया।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य आरोपी | अजीत कुमार हरिजन (DPO, सारण) |
| कुल वेतन (32 महीने) | 27.43 लाख रुपये |
| बैंक खातों में जमा राशि | 2.51 करोड़ रुपये से अधिक |
| खरीदी गई जमीन | 120 कट्ठा (कीमत 41.5 लाख रुपये) |
| रिश्वत का आरोप | 12.50 लाख रुपये |
| जांच रिपोर्ट की तारीख | 28 जून 2026 |
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक खातों और वित्तीय कागजातों की जांच के बाद ये आरोप सही पाए गए हैं। उन्होंने यह रिपोर्ट और आरोप पत्र बिहार शिक्षा विभाग को भेज दिया है। अब विभाग तय करेगा कि अधिकारी को निलंबित किया जाए या अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच समिति ने यह भी सिफारिश की है कि परिवार के अन्य सदस्यों के खातों की भी गहराई से जांच हो, क्योंकि असली अवैध कमाई 3 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। वहीं, लोक शिकायत निवारण कोषांग ने रिश्वत देने वाले ठेकेदार रवि कुमार राम को भी दोषी माना है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।