Bihar के सन्हौला CHC में आशा कार्यकर्ताओं का हंगामा, 11 महीने से मानदेय नहीं मिलने पर किया प्रदर्शन
Bihar: सन्हौला Community Health Center (CHC) में तैनात आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय नहीं मिलने पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले 8 से 11 महीनों से उन्हें उनकी सैलरी नहीं मिली है, जिससे उनके सामने आर
Bihar: सन्हौला Community Health Center (CHC) में तैनात आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय नहीं मिलने पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले 8 से 11 महीनों से उन्हें उनकी सैलरी नहीं मिली है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
यह समस्या केवल सन्हौला तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार में आशा कार्यकर्ता लंबे समय से अपने बकाये मानदेय के लिए संघर्ष कर रही हैं। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपे) ने इस मुद्दे पर राज्य स्तर पर भी विरोध जताया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारियों से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उनकी सैलरी का भुगतान नहीं किया गया है।
अपनी मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने कई कदम उठाए हैं। 17 अप्रैल 2026 को राज्य के सभी Primary Health Centers (PHCs) में एक दिवसीय धरना दिया गया था। साथ ही, मांगों के न माने जाने पर 1 मई से 10 मई 2026 तक काम का बहिष्कार करने का ऐलान भी किया गया था।
आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- सभी लंबित मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए।
- रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
- रिटायरमेंट पैकेज और पेंशन की सुविधा दी जाए।
- इंसेंटिव सिस्टम को खत्म कर उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और तय मासिक वेतन दिया जाए।
गौरतलब है कि जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मासिक इंसेंटिव को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने की घोषणा की थी। साथ ही ममता स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का इंसेंटिव 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति डिलीवरी किया गया था। इससे पहले अगस्त 2023 में भी 31 दिनों की हड़ताल के बाद सरकार ने मानदेय में 1,500 रुपये की बढ़ोतरी की थी और इसे ‘इनाम’ के बजाय ‘मानदेय’ का नाम दिया था।