Bihar में सकरी और रैयाम चीनी मिलों के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च, अब घर बैठे सदस्य बनेंगे गन्ना किसान

Bihar: राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों की कमाई बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में बनने वाली सहकारी चीनी मिलों के लिए ऑनलाइन

Bihar: राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों की कमाई बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में बनने वाली सहकारी चीनी मिलों के लिए ऑनलाइन सदस्यता पोर्टल की शुरुआत की है। अब किसान बिना किसी परेशानी के अपने घर बैठे इन सहकारी समितियों के सदस्य बन सकेंगे।

इस सदस्यता अभियान की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को की गई और आवेदन की आखिरी तारीख 30 जुलाई 2026 तय की गई है। इच्छुक किसान सहकारिता विभाग के वेब पोर्टल https://esahkari.bihar.gov.in/coop/Sugarcane पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। जो किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, उनकी मदद के लिए स्थानीय PACS और प्रखंड स्तरीय आयोजक समितियां उपलब्ध रहेंगी।

सदस्यता के लिए सरकार ने कुछ जरूरी नियम तय किए हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। आवेदक की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और उसका संबंधित चीनी मिल के कमांड क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है। किसान वर्तमान में गन्ने की खेती कर रहा हो या अगले दो पेराई सत्रों में गन्ना उगाने का संकल्प ले। इसके अलावा कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकरण होना भी जरूरी है।

विवरण पात्रता/शर्त
सामान्य वर्ग के किसान न्यूनतम 1 हेक्टेयर (करीब 2.5 एकड़) जमीन
आरक्षित वर्ग और महिला किसान न्यूनतम 50 डिसमिल जमीन
सदस्यता शुल्क प्रवेश शुल्क 500 रुपये और शेयर मूल्य 1000 रुपये
परिवार की सीमा एक परिवार से केवल एक सदस्य

इन मिलों के लिए राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF) ने जून 2026 में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) सौंप दी है। रैयाम चीनी मिल के लिए दरभंगा के 580 और मधुबनी के 438 गांवों को चुना गया है, जबकि सकरी मिल के लिए मधुबनी के 686 और दरभंगा के 697 गांवों को कमांड क्षेत्र बनाया गया है। कुल मिलाकर 2401 गांवों के किसान इससे जुड़ सकेंगे।

समिति का सदस्य बनने वाले किसानों को कई फायदे मिलेंगे। उन्हें गन्ना उत्पादन के लिए जरूरी खाद-बीज, तकनीकी जानकारी और मिट्टी परीक्षण की सुविधा मिलेगी। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ और गन्ने की खरीद व भुगतान में पूरी पारदर्शिता रहेगी। सरकार का मानना है कि इन मिलों के शुरू होने से इलाके में रोजगार बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में सुधार होगा।