Bihar: सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मिड-डे मील खाने के बाद 250 से ज्यादा बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और चक्कर आने की
Bihar: सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मिड-डे मील खाने के बाद 250 से ज्यादा बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की। इस घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और उन्होंने भोजन में मृत सांप मिलने का गंभीर आरोप लगाया है।
बच्चों की हालत और इलाज की क्या स्थिति है?
बीमार बच्चों को तुरंत महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि करीब 250 बच्चे अस्पताल पहुंचे, जिनमें से कुछ को फूड पॉइजनिंग की समस्या मिली। गंभीर हालत वाले बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया है। फिलहाल सभी बच्चों की हालत नियंत्रण में है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। पांचवीं कक्षा के छात्र रोहित कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे चावल-दाल खाने के कुछ देर बाद ही उन्हें तकलीफ शुरू हो गई थी।
प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और जांच में क्या मिला?
घटना की जानकारी मिलते ही सहरसा के DM दीपेश कुमार, SP हिमांशु और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तुरंत फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया, जिसने मौके से खाने के सैंपल और सबूत इकट्ठा किए हैं। सदर SDO श्रीयांश तिवारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्कूल में मिड-डे मील का वितरण रोक दिया गया है। आरोप है कि महिषी प्रखंड के 68 स्कूलों में एक NGO इस भोजन की सप्लाई करता है, जिसकी अब जांच हो रही है।
मिड-डे मील के लिए बिहार सरकार के नियम क्या हैं?
बिहार शिक्षा विभाग ने भोजन की गुणवत्ता के लिए सख्त नियम बनाए हैं। नियमों के मुताबिक, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को रोजाना भोजन परोसने के बाद प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। विभाग ने निर्देश दिया है कि रसोइयों की नियुक्ति बच्चों की संख्या के आधार पर होगी और रिक्त पदों को एक महीने में भरना होगा। अब शिक्षकों को भोजन के काम से अलग कर एक विशेष समिति के जरिए बच्चों को खाना उपलब्ध कराया जाएगा ताकि ऐसी लापरवाही न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सहरसा के किस स्कूल में यह घटना हुई और कितने बच्चे बीमार हुए?
यह घटना महिषी प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा में 7 मई 2026 को हुई। इसमें 250 से अधिक बच्चे बीमार हुए, जिनमें से लगभग 200 बच्चे इसी स्कूल के थे।
बीमार बच्चों को क्या लक्षण महसूस हुए और उनका इलाज कहाँ हुआ?
बच्चों को पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत हुई। उनका प्राथमिक इलाज महिषी CHC में हुआ और गंभीर बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल भेजा गया।