Bihar: बिहार सरकार ने गांवों को पक्की सड़क और पुलों से जोड़ने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए ‘योजनावार टेंडर’ प्रणाली लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की
Bihar: बिहार सरकार ने गांवों को पक्की सड़क और पुलों से जोड़ने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए ‘योजनावार टेंडर’ प्रणाली लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे दूर-दराज के इलाकों में काम की रफ्तार बढ़ेगी और पारदर्शिता आएगी।
योजनावार टेंडर से क्या बदलेगा और किसे होगा फायदा
सरकार ने पुराने ‘ग्लोबल टेंडर’ और ‘पैकेज सिस्टम’ को पूरी तरह खत्म कर दिया है। पहले कई सड़कों और पुलों का एक बड़ा पैकेज बनाकर टेंडर निकाला जाता था, जिससे सिर्फ बड़ी कंपनियां ही काम ले पाती थीं। अब मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष) और मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत हर काम के लिए अलग टेंडर होगा। इससे स्थानीय और छोटे ठेकेदारों को काम मिलने के मौके बढ़ेंगे और काम की क्वालिटी भी बेहतर होगी।
सड़कों का चौड़ीकरण और नए नियम क्या हैं
‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर की जाएगी। पहले चरण में 235 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण होगा। साथ ही, 25 लाख से 50 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स में बिहार के ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन गांवों या टोलों की आबादी 100 या उससे ज्यादा है और वे अभी तक सड़क से नहीं जुड़े हैं, उन्हें प्राथमिकता से जोड़ा जाएगा।
रखरखाव और डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी
सड़कों की मजबूती बनाए रखने के लिए सात साल की रखरखाव नीति लागू की गई है, जिसमें पांचवें साल में सड़क का दोबारा कालीकरण किया जाएगा। पूरी निविदा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सीएमबीडी (Combined Model Bidding Document) का इस्तेमाल होगा। ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा और अभियंता प्रमुख निर्मल कुमार इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं ताकि काम में कोई बाधा न आए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
योजनावार टेंडर प्रणाली क्या है और इससे क्या लाभ होगा
इसमें हर सड़क या पुल के काम के लिए अलग से टेंडर निकाला जाएगा, न कि पूरे इलाके का एक पैकेज। इससे छोटे ठेकेदारों को काम मिलेगा, भ्रष्टाचार कम होगा और गांवों में सड़क निर्माण का काम समय पर पूरा होगा।
ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई कितनी बढ़ाई जाएगी
सात निश्चय-3 योजना के तहत ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई को 3.75 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर किया जाएगा। पहले चरण में 235 किलोमीटर सड़कों का काम शुरू होगा।