Bihar: रोहतास में EO विमल कुमार हत्याकांड का खुलासा, ड्राइवर ने लोहे की रॉड से की थी हत्या
Bihar/Rohtas: रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस मामले में उनके ही ड्राइवर मिथिलेश कुमार को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है. पुलिस
Bihar/Rohtas: रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस मामले में उनके ही ड्राइवर मिथिलेश कुमार को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और हत्या की वजह मानसिक तनाव को बताया है.
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना 1 अगस्त 2026 की शाम को हुई थी. ड्राइवर मिथिलेश कुमार का कहना है कि EO विमल कुमार उससे बहुत ज्यादा काम लेते थे और लगातार डांटते-फटकारते थे, जिससे वह काफी तनाव में था. घटना वाले दिन जब वे डेहरी से पटना जा रहे थे, तब मिथिलेश ने पेशाब करने के लिए गाड़ी रोकने को कहा, लेकिन विमल कुमार ने उसे डांटकर मना कर दिया. इसी बात पर ड्राइवर का गुस्सा फूट पड़ा और उसने गाड़ी में रखी लोहे की रॉड से विमल कुमार के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई.
शुरुआत में ड्राइवर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे एक दुर्घटना बताया और कहा कि बाइक सवार अपराधियों ने हमला किया है. हालांकि, बार-बार बयान बदलने की वजह से पुलिस को उस पर शक हुआ. मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) ने जांच की और नहर से वह लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि मौत भारी वस्तु से लगी चोटों और दम घुटने की वजह से हुई है.
इस बीच, विमल कुमार की पत्नी ने डेहरी विधायक सोनू सिंह पर अपने पति को परेशान करने और 50 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है. उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाने, खुद को सरकारी नौकरी देने और मुआवजे की मांग की है. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की है. वहीं, आरोपी ड्राइवर की पत्नी आरती कुमारी का दावा है कि पुलिस ने दबाव डालकर उनके पति से जुर्म कबूल करवाया है.
इस घटना के बाद बिहार सरकार ने नगर निकायों के अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है. अब अधिकारियों को सुरक्षा गार्ड देने और हथियार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.