Bihar : बिहार के लोगों के लिए अब सफर का एक नया और आसान तरीका शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार गंगा और गंडक नदियों के जरिए जल परिवहन की सुविधा शुरू कर रही है। इससे न केवल लोगों का यात्रा समय बचेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ा
Bihar : बिहार के लोगों के लिए अब सफर का एक नया और आसान तरीका शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार गंगा और गंडक नदियों के जरिए जल परिवहन की सुविधा शुरू कर रही है। इससे न केवल लोगों का यात्रा समय बचेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के तहत राज्य के 11 जिलों को जोड़ा जाएगा जिससे आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।
किन जिलों में शुरू होगी यह सुविधा और क्या है तैयारी
इस प्रोजेक्ट के तहत भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पश्चिम चंपारण जिलों में जल परिवहन शुरू होगा। इन जिलों में कुल 21 जल स्टेशन (Jal Station) बनाए जा रहे हैं। अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 में से 18 जगहों पर काम पूरा हो चुका है और बाकी तीन जगहों पर काम चल रहा है। पटना के दीघा और बरह में भी निर्माण कार्य जारी है।
सफर के लिए कौन सी नावें चलेंगी और क्या होंगे फायदे
नदियों में चलने के लिए हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरन (Hybrid electric catamaran) जहाजों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये नावें पर्यावरण के लिए सुरक्षित होंगी और इनमें एक बार में करीब 100 यात्री सफर कर सकेंगे। भागलपुर से पटना और फिर चंपारण तक नया जलमार्ग बनाया जा रहा है। इससे सड़क और रेल मार्ग पर दबाव कम होगा और भारी सामान ले जाना सस्ता पड़ेगा।
सरकारी योजना और भविष्य की तैयारी
ग्रामीण विकास और परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार में गंगा, गंडक, कोसी और सोन समेत सात राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करने की योजना है, जो कुल 1,187 किलोमीटर तक फैले होंगे। इसके लिए Inland Waterways Authority of India (IWAI) और बिहार पर्यटन विभाग के बीच समझौता हुआ है। पटना में वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी है और बक्सर, भागलपुर व दरभंगा में ट्रेनिंग संस्थान भी खोले जाएंगे ताकि कुशल कर्मचारी तैयार किए जा सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन जिलों में जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं
यह सुविधा भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पश्चिम चंपारण समेत 11 जिलों में मिलेगी, जहाँ कुल 21 जल स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।
नदियों में सफर के लिए किस तरह के जहाजों का उपयोग होगा
सफर के लिए हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरन जहाजों का उपयोग होगा, जो जीरो कार्बन उत्सर्जन करेंगे और एक बार में लगभग 100 यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखेंगे।