Bihar: बिहार के राजस्व कर्मचारियों और सरकार के बीच लंबा चला विवाद अब खत्म होने वाला है। सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग को मानते हुए उनके पदनाम यानी नाम बदलने पर सहमति दे दी है। अब राज्य के राजस्व कर्मचारी ‘
Bihar: बिहार के राजस्व कर्मचारियों और सरकार के बीच लंबा चला विवाद अब खत्म होने वाला है। सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग को मानते हुए उनके पदनाम यानी नाम बदलने पर सहमति दे दी है। अब राज्य के राजस्व कर्मचारी ‘सहायक राजस्व अधिकारी’ (Assistant Revenue Officer) के नाम से जाने जाएंगे। इस फैसले से कर्मचारियों में खुशी है और हड़ताल खत्म होने की उम्मीद है।
पदनाम बदलने और बहाली पर क्या हुआ फैसला
बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव C.K. Anil ने पदनाम बदलने की सिफारिश मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही है। इसके साथ ही विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल ने 19 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर निलंबित कर्मचारियों को वापस काम पर लेने की सिफारिश की है। सरकार ने यह कदम आगामी जनगणना 2027 में उनकी जरूरत को देखते हुए उठाया है।
कर्मचारियों को मिलने वाली अन्य राहतें
- हड़ताल के दौरान की छुट्टी को ‘असाधारण अवकाश’ माना जाएगा, जिससे नौकरी पर असर नहीं पड़ेगा।
- 21 अप्रैल 2026 तक 200 से ज्यादा निलंबित कर्मियों का निलंबन वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
- निलंबित कर्मचारियों की बहाली का अंतिम फैसला जिला स्तर पर लिया जाएगा।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का इस पूरे मामले में सकारात्मक रुख रहा है।
अभी क्या बाकी है और आगे क्या होगा
हालांकि पदनाम और बहाली पर बात बन गई है, लेकिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पूरी तरह खत्म होने का इंतजार है। उम्मीद है कि अगले 24 से 48 घंटों में इसका पूरा समाधान निकल जाएगा। वहीं, राजस्व सेवा के अधिकारी भी DCLR पदों पर प्रमोशन की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार पहले ही सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है और हाई कोर्ट का आदेश भी उनके पक्ष में है।