Bihar: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक ही हफ्ते के अंदर कुल 23 सर्किल ऑफिसर (CO) और राजस्व कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है। यह
Bihar: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक ही हफ्ते के अंदर कुल 23 सर्किल ऑफिसर (CO) और राजस्व कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों पर हुई है जो काम में ढिलाई बरत रहे थे या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई और क्या है मामला
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। 27 मई को 14 अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद 2 जून को 8 और अधिकारियों के खिलाफ सजा मंजूर की गई। इसमें रोहतास के सदर CO आकाश कुमार रौनियार और पश्चिम चंपारण के उदय शंकर मिश्रा जैसे अधिकारी शामिल हैं। वहीं पूर्णिया में एक राजस्व कर्मचारी को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए VIB ने गिरफ्तार किया था।
दाखिल-खारिज और लंबित आवेदनों के लिए नए निर्देश
आम जनता की परेशानी दूर करने के लिए विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। मंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित करीब 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों को 15 दिनों के भीतर निपटाया जाए। अब अधिकारियों को शाम 6 बजे से 8 बजे तक ‘कैंप मोड’ में काम करना होगा। साथ ही, अगर कोई कर्मचारी आवेदन को गलत बताकर रिजेक्ट करता है, तो CO उसकी जांच करेंगे और गलती होने पर कर्मचारी को ही आवेदन वापस भेजेंगे ताकि आवेदक को परेशानी न हो।
सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए क्या बदला
सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए ‘बिहारभूमि पोर्टल’ के ई-जमाबंदी मॉड्यूल में नए बदलाव किए गए हैं। अब अंचल अधिकारी ऑनलाइन सरकारी जमीनों की निगरानी कर सकेंगे। इसके अलावा, सभी CO को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी परिवार भूमिहीन नहीं है। न्यायालय के आदेश से होने वाले दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को भी अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दाखिल-खारिज के लंबित आवेदनों के लिए सरकार ने क्या समय सीमा तय की है
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने सभी DM को निर्देश दिया है कि डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख आवेदनों का निपटारा अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाए।
भ्रष्ट राजस्व कर्मियों पर लगाम लगाने के लिए क्या नया नियम आया है
अब यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी आवेदन को त्रुटिपूर्ण बताता है, तो CO उसकी जांच करेंगे। अगर त्रुटि अनुचित पाई गई, तो आवेदन आवेदक को भेजने के बजाय कर्मचारी को वापस भेजा जाएगा ताकि वह इसे स्वीकार कर प्रक्रिया पूरी करे।