Bihar: बिहार के रक्सौल में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने रक्सौल एयरपोर्ट के पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस खबर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी न
Bihar: बिहार के रक्सौल में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने रक्सौल एयरपोर्ट के पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस खबर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। इस प्रोजेक्ट से सीमावर्ती इलाकों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
Raxaul एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की मुख्य बातें क्या हैं
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह एयरपोर्ट साल 1962 में बना था लेकिन फिलहाल चालू नहीं है, जिसे अब नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इसके रनवे की लंबाई बढ़ाकर 2,360 मीटर की जाएगी। रनवे बड़ा होने से यहाँ Airbus A320 और Boeing 737 जैसे बड़े कमर्शियल विमान उतर सकेंगे। साथ ही, जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना के Rafale, Tejas और MiG-29 जैसे लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल भी यहाँ किया जा सकेगा।
जमीन अधिग्रहण और अन्य सुविधाओं का क्या अपडेट है
बिहार सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 139 एकड़ जमीन की पहचान की है और इसके लिए 208 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। अब तक लगभग एक तिहाई जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में Aeroclub of India की टीम ने भी यहाँ का दौरा किया था। उन्होंने सुझाव दिया है कि रक्सौल एयरपोर्ट को एरो स्पोर्ट्स और फ्लाइंग ट्रेनिंग का केंद्र बनाया जा सकता है, जहाँ पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग जैसी गतिविधियाँ शुरू होंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रक्सौल एयरपोर्ट के पुनर्विकास पर कितना खर्च आएगा?
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 1,200 करोड़ रुपये है, जिसमें रनवे, एप्रन और टैक्सीवे जैसे बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है।
रक्सौल एयरपोर्ट पर कौन से विमान उतर सकेंगे?
रनवे को 2,360 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे Airbus A320 और Boeing 737 जैसे कमर्शियल विमानों के साथ-साथ वायुसेना के Rafale और Tejas जैसे फाइटर जेट्स भी यहाँ उतर सकेंगे।