Bihar के रंगरा में डिग्री कॉलेज शिफ्ट करने पर बवाल, छात्रों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी

Bihar/Bhagalpur: नवगछिया के रंगरा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया है। शिक्षा विभाग के कॉलेज को स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ छात्र, युवा और ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं। विरोध जताने के लिए शु

Bihar/Bhagalpur: नवगछिया के रंगरा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया है। शिक्षा विभाग के कॉलेज को स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ छात्र, युवा और ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं। विरोध जताने के लिए शुरू किया गया आमरण अनशन अब तीसरे दिन में पहुंच गया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।

यह पूरा मामला बिहार सरकार की उस योजना से जुड़ा है जिसके तहत डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में उच्च शिक्षा पहुंचाई जानी है। पहले शिक्षा विभाग ने रंगरा प्रखंड मुख्यालय के तेजनारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में कॉलेज खोलने की तैयारी की थी। लेकिन बाद में एक नया आदेश जारी कर कॉलेज को सुदूर दियारा क्षेत्र के तिनटंगा स्थित संत विनोबा उच्च माध्यमिक विद्यालय में चलाने का निर्णय लिया गया। इसी फैसले को ग्रामीण और छात्र तुगलकी बता रहे हैं।

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि तिनटंगा दियारा क्षेत्र है और यहां साल में तीन महीने से ज्यादा समय तक बाढ़ रहती है। ऐसी स्थिति में कॉलेज का नियमित संचालन संभव नहीं होगा और बड़ी संख्या में ग्रामीण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उनकी मांग है कि कॉलेज को तिनटंगा भेजने के बजाय रंगरा के तेजनारायण उच्च विद्यालय परिसर में ही संचालित किया जाए।

3 जुलाई 2026 को अनशन के तीसरे दिन मुख्य प्रदर्शनकारी आशुतोष सिंह, अनुज चौरसिया और मृदुल शर्मा की तबीयत बिगड़ने लगी। रंगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने जांच की तो पाया कि तीनों का ब्लड प्रेशर सामान्य से कम था। फिलहाल स्वास्थ्य टीम उनकी निगरानी कर रही है। इससे पहले छात्रों ने मशाल जुलूस, आक्रोश मार्च और पुतला दहन जैसे विरोध प्रदर्शन भी किए थे।

इस विवाद में अब राजनीतिक रंग भी जुड़ गया है। गोपालपुर के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने वर्तमान विधायक और ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल तथा स्थानीय सांसद पर भेदभाव का आरोप लगाया। गोपाल मंडल ने सुझाव दिया कि सरकार को रंगरा और तिनटंगा दोनों जगहों पर कॉलेज खोलने चाहिए।

छात्रों और अभिभावकों ने बिहार के राज्यपाल को आवेदन भेजकर इस मामले में दखल देने की मांग की है। साथ ही राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और स्थानीय विधायक से स्थानांतरण आदेश को तुरंत रद्द करने की अपील की गई है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।