Bihar के रजौली में गरीबों को बांटा गया सड़ा राशन, विधायक विमल राजवंशी ने विधानसभा में उठाई आवाज
Bihar/Nawada: रजौली, सिरदला और मेसकौर प्रखंडों में सरकारी राशन की दुकानों के जरिए सड़ा और घटिया अनाज बांटे जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मुद्दे को रजौली के विधायक विमल राजवंशी ने 24 जुलाई, 2026 को बिहार विधानसभा म
Bihar/Nawada: रजौली, सिरदला और मेसकौर प्रखंडों में सरकारी राशन की दुकानों के जरिए सड़ा और घटिया अनाज बांटे जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मुद्दे को रजौली के विधायक विमल राजवंशी ने 24 जुलाई, 2026 को बिहार विधानसभा में उठाया। उन्होंने इसे गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है।
विधायक विमल राजवंशी ने विधानसभा में नियम-104(3) के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य खाद्य निगम के गोदामों से जो अनाज आ रहा है, वह सड़ा हुआ, बदबूदार और कीटों से भरा है। विधायक ने कहा कि जिस राशन को गरीब और अंत्योदय परिवारों के पोषण के लिए भेजा गया, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह खाने लायक नहीं है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विमल राजवंशी ने सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि गोदाम प्रबंधकों, परिवहन एजेंसियों और गुणवत्ता जांच करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने मांग की कि दुकानों से खराब अनाज हटाकर तुरंत अच्छी क्वालिटी का राशन उपलब्ध कराया जाए।
दूसरी तरफ, प्रशासनिक स्तर पर राशन वितरण को लेकर कुछ बैठकें भी हुई हैं। 22 जुलाई को एसडीओ स्वतंत्र कुमार सुमन ने सिरदला में समीक्षा बैठक की और डीलरों को रोजाना 50 नए पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया। वहीं, 16 जुलाई को बीडीओ संजीव झा ने रजौली में 13 अगस्त तक 6000 नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है।
राशन की डिलीवरी में देरी पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि नई एजेंसी के सेटअप में समय लगने के कारण जुलाई महीने के अनाज की डोर स्टेप डिलीवरी में दिक्कत आई थी, जिसकी जानकारी बड़े अधिकारियों को दे दी गई है।