Bihar: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए सासाराम और डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन पर सैलून की सुविधा शुरू करने जा रहा है। अब लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बाल और दाढ़ी कटवाने के लिए स्टेशन से बाहर भटकने की
Bihar: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए सासाराम और डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन पर सैलून की सुविधा शुरू करने जा रहा है। अब लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बाल और दाढ़ी कटवाने के लिए स्टेशन से बाहर भटकने की जरूरत नहीं होगी। यह पहल पूर्व मध्य रेलवे (ECR) द्वारा शुरू की गई है जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी और उन्हें स्टेशन परिसर के भीतर ही जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
किन स्टेशनों पर मिलेगी यह सुविधा और कैसे होगा काम?
यह नई सुविधा बिहार के रोहतास जिले के सासाराम और डेहरी ऑन सोन स्टेशनों पर शुरू की जा रही है। ये दोनों स्टेशन ‘ए’ ग्रेड कैटेगरी में आते हैं और यहां यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा रहती है। रेलवे ने इन सैलून को चलाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाया है। इसके तहत निजी कंपनियों को तीन साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
रेलवे स्टेशनों पर और क्या नई सुविधाएं मिलने वाली हैं?
रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार स्टेशनों को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सासाराम और डेहरी के अलावा भागलपुर, जमालपुर और मालदा स्टेशनों पर भी इसी तरह की सुविधाएं देने की योजना है। आने वाले समय में स्टेशनों पर ये सुविधाएं देखने को मिल सकती हैं:
- हेल्थ एटीएम (Health ATM) के जरिए बुनियादी स्वास्थ्य जांच
- यात्रियों के लिए मसाज सेंटर की सुविधा
- मोबाइल कियोस्क और नए फूड वैन
- बाल और दाढ़ी काटने के लिए आधुनिक सैलून
इन सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के वेटिंग टाइम को आरामदायक और उपयोगी बनाना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन सुविधाओं के रेट भी काफी किफायती रखे जाएंगे ताकि आम यात्री इसका लाभ उठा सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किन स्टेशनों पर सैलून की सुविधा शुरू हो रही है?
बिहार के सासाराम और डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन पर यह सुविधा शुरू की जा रही है।
क्या सैलून की सुविधा सरकारी होगी या प्राइवेट?
यह सुविधा पीपीपी मॉडल के तहत निजी पार्टनर्स द्वारा संचालित की जाएगी जिसके लिए रेलवे ने 3 साल का अनुबंध किया है।