Bihar को रेल मंत्री का बड़ा तोहफा, नई ट्रेनें और बुलेट ट्रेन समेत 1.15 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स का ऐलान
Bihar: रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बिहार के रेल यात्रियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने छपरा से आनंद विहार तक नई ट्रेन सहित तीन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे
Bihar: रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बिहार के रेल यात्रियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने छपरा से आनंद विहार तक नई ट्रेन सहित तीन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे को सुधारने और आने वाले समय में सैकड़ों नई ट्रेनें चलाने का वादा किया है।
रेल मंत्री ने बताया कि बिहार में इस समय लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के रेलवे ढांचे के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले सात से आठ सालों में बिहार को 200 से ज्यादा नई ट्रेनें मिलेंगी।
बिहार के रेल नेटवर्क में हुए बदलावों और नई सुविधाओं की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नई ट्रेन सेवाएं | छपरा-आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस, मौ-आनंद विहार एक्सप्रेस और दोहरीघाट-वाराणसी मेमू सेवा |
| बुलेट ट्रेन | दिल्ली-वाराणसी-पटना कॉरिडोर को मंजूरी, यात्रा समय घटकर 4 घंटे 45 मिनट होगा |
| नया स्टेशन | पटना के हार्डिंग पार्क में 5 नए प्लेटफॉर्म वाला स्टेशन बनेगा |
| बजट आवंटन | चालू वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड बजट |
| कुल निवेश | राज्य में 1.15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स जारी |
| पटरियों का विस्तार | पिछले 12 वर्षों में 2,034 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गईं |
| निर्यात | Marhaura डीजल लोकोमोटिव फैक्ट्री से गिनी को इंजन निर्यात किए जा रहे हैं |
इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary, सारण सांसद Rajiv Pratap Rudy और महाराजगंज सांसद Janardan Singh Sigriwal भी मौजूद थे। रेल मंत्री ने बताया कि पटना के पास फतुहा में भी रेलवे का विकास तेजी से हो रहा है। साथ ही, राज्य को हाल के वर्षों में 14 Vande Bharat और 11 Amrit Bharat ट्रेनें पहले ही मिल चुकी हैं।
भविष्य की योजनाओं की बात करें तो दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम अभी सर्वे और प्लानिंग के चरण में है। इस कॉरिडोर को आगे चलकर सिलीगुड़ी तक ले जाने की योजना है। इसके अलावा, Marhaura प्लांट से तीन साल में 3,000 करोड़ रुपये की निर्यात परियोजना के तहत गिनी को 140 लोकोमोटिव इंजन दिए जाएंगे।