Bihar: औरंगाबाद पुलिस ने एक बड़े किडनैपिंग केस को सुलझाते हुए दो बच्चों को बरामद कर लिया है। पुलिस ने 4 साल पहले गायब हुए शिवम कुमार और हाल ही में अगवा हुए 4 साल के आद्विक पराशर को सुरक्षित ढूंढ निकाला है। यह पूरी कार्रव
Bihar: औरंगाबाद पुलिस ने एक बड़े किडनैपिंग केस को सुलझाते हुए दो बच्चों को बरामद कर लिया है। पुलिस ने 4 साल पहले गायब हुए शिवम कुमार और हाल ही में अगवा हुए 4 साल के आद्विक पराशर को सुरक्षित ढूंढ निकाला है। यह पूरी कार्रवाई गया के डेलहा थाना क्षेत्र में की गई, जहाँ से आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुए बच्चों का खुलासा और बरामदगी
आद्विक पराशर का अपहरण 16 मई 2026 को औरंगाबाद के ओबरा देवी मंदिर से हुआ था। पुलिस ने CCTV फुटेज और टेक्निकल जांच के आधार पर आरोपी रंजू देवी को ट्रैक किया। जब पुलिस रंजू देवी के घर पहुंची, तो वहां उन्हें आद्विक के साथ एक और बच्चा मिला। जांच में पता चला कि वह बच्चा शिवम कुमार है, जो 30 मई 2022 को उसी मंदिर परिसर से चोरी हो गया था।
किडनैपिंग की वजह और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपी रंजू देवी ने बताया कि उसकी अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उसने बच्चों को पालने की इच्छा से उन्हें चुराया। पुलिस ने रंजू देवी के साथ उसके पति रविंद्र पासवान और दो बहनों को भी गिरफ्तार किया है, क्योंकि उन्हें बच्चों के चोरी होने की पूरी जानकारी थी। इस ऑपरेशन में IG मगध जोन विकास वैभव और SP औरंगाबाद अंबरीश राहुल के नेतृत्व में 15 पुलिस टीमों ने काम किया।
पीड़ित परिवारों की स्थिति
आद्विक के पिता सुधीर प्रसाद और शिवम के पिता अनूप पांडे को पुलिस ने सूचना दे दी है। शिवम के माता-पिता फिलहाल दिल्ली में रह रहे हैं और वे अपने बच्चे से मिलने के लिए ओबरा आ रहे हैं। ओबरा के स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की इस तत्परता और मेहनत की काफी तारीफ की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बच्चे कहाँ से अगवा हुए थे और उन्हें कहाँ से बरामद किया गया?
दोनों बच्चों का अपहरण औरंगाबाद के ओबरा देवी मंदिर परिसर से हुआ था। पुलिस ने इन्हें गया के डेलहा थाना क्षेत्र में आरोपी रंजू देवी के किराए के घर से बरामद किया।
आरोपी महिला ने बच्चों को क्यों चुराया था?
पकड़ी गई आरोपी रंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उसकी अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उसने बच्चों को चुराकर उन्हें पालने के उद्देश्य से अपने पास रखा था।