Bihar: मोतिहारी के छतौनी इलाके में बिहार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक गुमशुदा बच्चे को बहुत कम समय में ढूंढ निकाला। Dial 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई और महज 10 मिनट के अंदर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिय
Bihar: मोतिहारी के छतौनी इलाके में बिहार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक गुमशुदा बच्चे को बहुत कम समय में ढूंढ निकाला। Dial 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई और महज 10 मिनट के अंदर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्चे को उसके परिवार के हवाले कर दिया है।
Dial 112 सिस्टम ने कैसे काम किया
इस पूरी कार्रवाई में Emergency Response Support System (ERSS) यानी Dial 112 की अहम भूमिका रही। जैसे ही छतौनी पुलिस को सूचना मिली, उन्होंने तुरंत एक्शन लिया। बिहार पुलिस का लक्ष्य राज्य में कहीं भी आपातकालीन स्थिति में 20 मिनट के भीतर मदद पहुँचाना है, जबकि यहाँ यह काम 10 मिनट में पूरा हो गया।
बिहार पुलिस की आपातकालीन सेवाओं की खासियत
बिहार पुलिस के अनुसार Dial 112 नागरिकों के लिए एक लाइफलाइन की तरह काम कर रहा है। जुलाई 2022 में शुरू हुई इस सेवा का लाभ लाखों लोग उठा चुके हैं। एडीजी निर्मल कुमार आजाद और डीजीपी विनय कुमार ने इस सिस्टम की कार्यक्षमता की सराहना की है। जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि रिस्पांस टाइम के मामले में यह सेवा देश में दूसरे नंबर पर है।
गुमशुदा बच्चों के मामले में क्या हैं नियम
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, किसी भी बच्चे के गुम होने पर 24 घंटे के भीतर FIR दर्ज कराना जरूरी है। इसके लिए हर थाने में Child Welfare Police Officers की नियुक्ति की गई है और सभी जिलों में Special Juvenile Police Units (SJPUs) बनाए गए हैं ताकि बच्चों से जुड़े मामलों की जांच सही तरीके से हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Dial 112 सेवा क्या है और यह कैसे मदद करती है?
यह एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर है जिसके जरिए नागरिक किसी भी मुसीबत में पुलिस को सूचना दे सकते हैं। बिहार पुलिस का लक्ष्य 20 मिनट के भीतर मौके पर पहुँचकर मदद पहुँचाना है।
बच्चा गुम होने पर क्या करना चाहिए?
सबसे पहले Dial 112 पर सूचना दें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर 24 घंटे के भीतर FIR दर्ज कराएं। पुलिस के पास इसके लिए विशेष चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर्स तैनात होते हैं।