Bihar: बिहार के पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने राज्य के 32 IPS अधिकारियों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य
Bihar: बिहार के पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने राज्य के 32 IPS अधिकारियों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य जिलों की कानून-व्यवस्था को सुधारना और पुलिस थानों के कामकाज में तेजी लाना है। यह नया सिस्टम 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और मजबूत किया जा सके।
किन प्रमुख अफसरों को मिली किस जिले की जिम्मेदारी?
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, कई वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की कमान सौंपी गई है। इनमें पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े जिले शामिल हैं। इन अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर थानों का निरीक्षण करना होगा।
| अधिकारी का नाम |
जिम्मेवारी वाला जिला |
| एडीजी नैय्यर हसनैन खान |
पटना |
| आईजी मनोज कुमार |
वैशाली |
| एडीजी एस रवीन्द्रण |
गया |
| आईजी संजय कुमार |
मुजफ्फरपुर |
| एडीजी अमित कुमार जैन |
सारण और बक्सर |
| एडीजी आर मल्लार विजी |
नालंदा |
| एडीजी पंकज कुमार दराद |
भोजपुर |
| एडीजी सुधांशु कुमार |
दरभंगा |
| आईजी एस प्रेमलता |
भागलपुर और नवगछिया |
इन अधिकारियों की क्या होगी मुख्य भूमिका?
इन आईपीएस अधिकारियों के कंधों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ थानों के कामकाज की समीक्षा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। वे जिलों में लंबित मामलों की जांच करेंगे और गंभीर अपराधों में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करेंगे ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिल सके।
- नियमित निरीक्षण: नोडल अधिकारियों को हर महीने अपने जिले का दौरा करना अनिवार्य होगा।
- रिपोर्टिंग: निरीक्षण के बाद अधिकारियों को अपनी व्यक्तिगत टिप्पणी के साथ रिपोर्ट DGP को भेजनी होगी।
- डिजिटल निगरानी: अब अधिकारियों के काम और ट्रेनिंग पर iGOT कर्मयोगी पोर्टल के जरिए ऑनलाइन नजर रखी जाएगी।
- पुरस्कार और दंड: अच्छा प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों को फील्ड ड्यूटी से हटाया जा सकता है।
डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिसिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन अधिकारियों को अनुसंधान में तेजी लाने और स्थानीय पुलिस का मार्गदर्शन करने का निर्देश दिया गया है। इससे आम जनता की शिकायतों का निपटारा अब तेजी से हो सकेगा।