Bihar: बिहार पुलिस अब अपराधियों को पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। राज्य में फेस रिकवरी सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे पुलिस सिर्फ एक क्लिक के जरिए किसी भी बदमाश की पूरी जानकारी निकाल सकेगी। इस सिस्टम स
Bihar: बिहार पुलिस अब अपराधियों को पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। राज्य में फेस रिकवरी सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे पुलिस सिर्फ एक क्लिक के जरिए किसी भी बदमाश की पूरी जानकारी निकाल सकेगी। इस सिस्टम से अपराधियों की पहचान करना और उनके पुराने रिकॉर्ड खंगालना बहुत आसान हो जाएगा।
फेस रिकवरी सिस्टम से कैसे होगी अपराधियों की पहचान?
इस नई तकनीक के जरिए पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अपराधियों के चेहरे से उनकी पहचान कर सकेंगी। इससे मोबाइल चोरी करने वाले, ड्रग्स चलाने वाले गैंग और ट्रेनों में सक्रिय अंतरराज्यीय बदमाशों को पकड़ना आसान होगा। गृह मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया Cri-MAC सिस्टम भी इसका हिस्सा है, जो गंभीर अपराधों और बाहरी गैंग्स के बारे में रियल टाइम अलर्ट देगा।
कौन-कौन सी एजेंसियां और प्लेटफॉर्म होंगे इस नेटवर्क से जुड़े?
इस हाईटेक नेटवर्क में कई सुरक्षा एजेंसियां एक साथ काम करेंगी। इसमें RPF, GRP, जिला पुलिस, सेना, SSB, CRPF और बिहार मिलिट्री पुलिस (BMP) शामिल हैं। इस सिस्टम को चलाने के लिए 10 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें मुख्य ये हैं:
| प्लेटफॉर्म/एप्लिकेशन का नाम |
उपयोग |
| CCTNS |
अपराधियों का डेटा और फेस प्रोफाइल अपडेट करना |
| Cri-MAC |
गंभीर अपराधों पर रियल टाइम अलर्ट |
| Nafis और Nidan |
डिजिटल पहचान और रिकवरी |
| Criminal Operational Justice System |
न्यायिक और पुलिस समन्वय |
बिहार के किन इलाकों में पहले लागू होगा यह सिस्टम?
शुरुआती चरण में देशभर के 1700 से ज्यादा पुलिस स्टेशनों को इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। बिहार में मुजफ्फरपुर जैसे जिलों के पुलिस ऑफिस, महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों और GRP व RPF चौकियों में इसे तेजी से लागू किया जा रहा है। CCTNS के जरिए अपराधियों का डेटा लगातार अपडेट किया जा रहा है ताकि सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन ले सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फेस रिकवरी सिस्टम से आम जनता को क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम से मोबाइल चोरी, लूट और ड्रग्स जैसे अपराधों में शामिल बदमाशों की पहचान जल्दी होगी, जिससे अपराधियों की गिरफ्तारी की दर बढ़ेगी और सुरक्षा बेहतर होगी।
इस सिस्टम में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
इसमें RPF, GRP, जिला पुलिस, सेना, SSB, CRPF और बिहार मिलिट्री पुलिस जैसी राज्य और केंद्र स्तर की सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां एकीकृत होंगी।