Bihar: बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बड़ी समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में सांप्रदायिक हिंसा, पुलिस पर हमले और हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं में हुई गिरफ्तारियों का हिसाब मांगा गया। पुलि
Bihar: बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बड़ी समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में सांप्रदायिक हिंसा, पुलिस पर हमले और हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं में हुई गिरफ्तारियों का हिसाब मांगा गया। पुलिस मुख्यालय ने पाया कि कुछ जिलों ने अपराधियों को पकड़ने में अच्छा काम किया है, जबकि कई जिलों की रफ्तार धीमी रही है।
गिरफ्तारियों का क्या रहा नतीजा
मार्च महीने के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य भर में अलग-अलग तरह के अपराधों में गिरफ्तारियां इस प्रकार रहीं:
| अपराध का प्रकार |
कुल गिरफ्तारियां (मार्च) |
| पुलिस पर हमला |
152 |
| सांप्रदायिक हिंसा |
11 |
| भीड़ द्वारा हिंसा |
2 |
| हर्ष फायरिंग |
1 |
भागलपुर की स्थिति और अन्य वारदातें
भागलपुर जिले की बात करें तो यहां सांप्रदायिक हिंसा के 4 मामले अभी लंबित हैं और 5 आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस मुख्यालय ने गिरफ्तारी के मामले में भागलपुर को औसत श्रेणी में रखा है। वहीं, भागलपुर के शाहकुंड स्थित सरहा गांव में जमीन विवाद में एक महिला की उसके ससुराल वालों ने बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने सास, ससुर और भैसुर समेत 7 लोगों पर केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
बेतिया और मोतिहारी में पुलिस पर हमला
बिहार के अन्य जिलों में भी पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। बेतिया के योगापट्टी में असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम पर हमला किया, जिसमें दो जवान घायल हुए। इस मामले में 12 नामजद और 35 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर 4 को पकड़ा गया है। वहीं, मोतिहारी के ढाका थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर बरसाए, जिसमें एक चौकीदार की पिटाई भी हुई।