Bihar: बिहार पुलिस की ERSS परियोजना यानी Dial-112 अब आम लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। पुलिस ने बताया है कि अब आपातकालीन स्थिति में औसतन 11 मिनट से भी कम समय में मदद पहुंचाई जा रही है। इसके लिए राज्य भर में भा
Bihar: बिहार पुलिस की ERSS परियोजना यानी Dial-112 अब आम लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। पुलिस ने बताया है कि अब आपातकालीन स्थिति में औसतन 11 मिनट से भी कम समय में मदद पहुंचाई जा रही है। इसके लिए राज्य भर में भारी संख्या में गाड़ियां तैनात की गई हैं ताकि किसी भी हादसे या मुसीबत के समय लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
ERSS सिस्टम में कितनी गाड़ियां और क्या सुविधाएं हैं
बिहार पुलिस के मुताबिक, इस सिस्टम को चलाने के लिए कुल 1833 ERVs वाहन तैनात किए गए हैं। इनमें 1283 चार पहिया गाड़ियां और 550 दो पहिया वाहन शामिल हैं। यह सेवा केवल पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, हाईवे पेट्रोलिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट और महिला व बाल हेल्पलाइन से जुड़ी इमरजेंसी सेवाएं भी दी जा रही हैं।
अपराधों में कमी और नए बदलाव
ADG अमित लोधा ने बताया कि जुलाई 2022 में शुरू हुए इस सिस्टम से अब तक 55 लाख से ज्यादा लोगों की मदद की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के मुकाबले 2025 में हत्या के मामलों में 22 प्रतिशत, लूटपाट में 38 प्रतिशत और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 21 प्रतिशत की कमी आई है। पटना कमांड और कंट्रोल सेंटर में कॉल उठाने वाली सभी 346 पुलिसकर्मी महिलाएं हैं।
भविष्य की तैयारी और नया इंफ्रास्ट्रक्चर
बिहार सरकार अब सार्वजनिक जगहों पर ‘पैनिक बटन’ लगाने की योजना बना रही है, जो सीधे Dial-112 से जुड़े होंगे। इसके अलावा, पटना के राजीव नगर में ERSS-112 और स्टेट पुलिस डेटा सेंटर के लिए 172.80 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक स्थाई बिल्डिंग बनाई जाएगी। बजट 2026-27 में गृह विभाग के लिए 20,132.87 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ताकि पुलिसिंग को और डिजिटल और आधुनिक बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Dial-112 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम क्या है
बिहार पुलिस के अनुसार, ERSS परियोजना के तहत आपातकालीन सेवाओं का औसत रिस्पॉन्स टाइम 11 मिनट से कम है।
ERSS सिस्टम में कुल कितने वाहन तैनात हैं
वर्तमान में कुल 1833 वाहन तैनात हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन शामिल हैं।