Bihar में आकाशदीप और मुकेश कुमार की DSP नौकरी पर 5 साल की शर्त, नियम तोड़ा तो जाएगी नौकरी
Bihar: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार अब बिहार पुलिस में डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) बन गए हैं। हालांकि, यह नौकरी उन्हें आसानी से नहीं मिली है। बिहार सरकार ने उनकी नियुक्ति के साथ एक खास शर्त रखी ह
Bihar: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार अब बिहार पुलिस में डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) बन गए हैं। हालांकि, यह नौकरी उन्हें आसानी से नहीं मिली है। बिहार सरकार ने उनकी नियुक्ति के साथ एक खास शर्त रखी है, जिसके तहत उन्हें अगले 5 साल तक क्रिकेट खेलना होगा।
बिहार गृह विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक दोनों खिलाड़ियों को 5 साल का एक सेवा बॉन्ड भरना होगा। इस बॉन्ड की मुख्य शर्त यह है कि नियुक्ति के शुरुआती पांच सालों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेना अनिवार्य होगा। अगर वे क्रिकेट से दूरी बनाते हैं या बॉन्ड की शर्तों को तोड़ते हैं, तो उनकी सरकारी सेवा की पुष्टि नहीं की जाएगी और उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है।
यह पूरी प्रक्रिया बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ खेल नीति और ‘बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026’ के तहत पूरी की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जुलाई 2026 में पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम के दौरान आकाशदीप, मुकेश कुमार और 17 अन्य खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए थे। इसके बाद 10 अगस्त 2026 को दोनों ने बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना में अपनी जॉइनिंग दी। इस मौके पर डीजीपी विनय कुमार और आईजी मनोज कुमार समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।
नौकरी के साथ मिलने वाली सैलरी और अन्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वेतनमान (Pay Scale) | 9300-34800 रुपये |
| ग्रेड पे | 5400 रुपये (पे लेवल-9) |
| शुरुआती बेसिक सैलरी | 53,100 रुपये महीना |
| सेवा शर्त | 5 साल तक सक्रिय क्रिकेट खेलना |
| नियुक्ति नीति | मेडल लाओ, नौकरी पाओ |
बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि इस योजना का मकसद खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इससे राज्य के और भी युवा खेल को अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस पूरी चयन प्रक्रिया में सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने प्रमाणपत्रों का सत्यापन और मंजूरी दी है।