Bihar: साइबर अपराधों से निपटने के लिए बिहार पुलिस ने लोगों को बैंकिंग सुरक्षा का एक नया और आसान तरीका बताया है। पुलिस ने सलाह दी है कि अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ें। इसके तह
Bihar: साइबर अपराधों से निपटने के लिए बिहार पुलिस ने लोगों को बैंकिंग सुरक्षा का एक नया और आसान तरीका बताया है। पुलिस ने सलाह दी है कि अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ें। इसके तहत पहला OTP यूजर के पास और दूसरा किसी भरोसेमंद परिजन के पास होना चाहिए ताकि ठग आसानी से पैसा न निकाल सकें।
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या तरीका बताया है?
बिहार पुलिस और भागलपुर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक किया है। पुलिस के मुताबिक, अगर बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए एक OTP आपके पास और दूसरा आपके किसी विश्वसनीय परिवार के सदस्य के पास रहेगा, तो सुरक्षा बढ़ जाएगी। इससे साइबर ठगों के लिए आपके खाते तक पहुंचना मुश्किल होगा और आप सुरक्षित बैंकिंग अपना सकेंगे।
बिहार में साइबर क्राइम के खिलाफ अब तक क्या एक्शन हुआ?
बिहार के साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) ने 2026 के पहले चार महीनों में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अब तक 602 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 199.09 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामलों की जांच की है। अधिकारियों ने समय रहते करीब 51.84 करोड़ रुपये फ्रीज कराए और 7.06 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए हैं।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जरूरी जानकारी
- साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राज्य की हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
- IVRS सिस्टम लागू होने के बाद इस हेल्पलाइन पर रोजाना औसतन 8,100 कॉल आ रहे हैं।
- मार्च 2026 में ‘Cyber Prahar 2.0’ के तहत 141 लोगों को पकड़ा गया जो फर्जी बैंक खातों (Mule Accounts) का इस्तेमाल कर रहे थे।
- आजकल AI के जरिए डीपफेक और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिनसे सावधान रहना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत बिहार पुलिस की साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें ताकि समय रहते पैसा फ्रीज कराया जा सके।
बिहार पुलिस ने सुरक्षा के लिए कौन सा नया तरीका सुझाया है?
पुलिस ने सलाह दी है कि सुरक्षा की अतिरिक्त परत के लिए पहला OTP अपने पास रखें और दूसरा OTP किसी भरोसेमंद परिजन के पास रखें।