Bihar: बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने डिजिटल ठगी रोकने के लिए ‘साइबर प्रहार 3.0’ अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के पहले ही दिन पुलिस ने 5036 म्यूल यानी फर्जी बैंक खातों की पहचान की है
Bihar: बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने डिजिटल ठगी रोकने के लिए ‘साइबर प्रहार 3.0’ अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के पहले ही दिन पुलिस ने 5036 म्यूल यानी फर्जी बैंक खातों की पहचान की है। यह एक्शन नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली 5078 शिकायतों की जांच के बाद लिया गया है।
म्यूल अकाउंट क्या होते हैं और कैसे खुलते हैं
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिन्हें फर्जी कागजात या किसी अनजान व्यक्ति के नाम पर खोला जाता है। ठग अक्सर गांव की गरीब महिलाओं या भोले-भाले लोगों को सरकारी योजना का लालच देकर उनके नाम पर खाता खुलवाते हैं। इसके बाद ठग उनकी पासबुक, सिम कार्ड और ATM कार्ड अपने कब्जे में ले लेते हैं और इन खातों का इस्तेमाल चोरी के पैसे इधर-उधर भेजने के लिए करते हैं ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके।
बैंक अधिकारियों और फर्जी आधार रैकेट पर कार्रवाई
पुलिस अब उन 22 बैंक शाखाओं की जांच कर रही है जहां 2025-26 के दौरान सबसे ज्यादा फर्जी खाते खुले। इसमें कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच हो रही है। इसके साथ ही पुलिस ने एक बड़े फर्जी आधार रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। ठगों ने आधार सेंटर की आईडी हैक करके और क्लोन फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बनाए थे। इस मामले में दरभंगा और भोजपुर से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
साइबर प्रहार 2.0 के आंकड़े और जिलों की स्थिति
| जिला |
चिह्नित म्यूल अकाउंट (Cyber Prahar 2.0) |
| Patna |
272 |
| Motihari |
95 |
| Bhagalpur |
55 |
| Bettiah |
50 |
| Purnia |
49 |
| Vaishali |
44 |
| Muzaffarpur |
43 |
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कमीशन के लालच में किसी और के नाम पर खाता न खोलें और न ही अपना खाता किसी को चलाने दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
म्यूल अकाउंट (Mule Account) क्या होता है?
यह एक ऐसा बैंक खाता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ये खाते अक्सर फर्जी पहचान पत्रों या गरीब लोगों को लालच देकर उनके नाम पर खुलवाए जाते हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता न खोलें और न ही अपना ATM या सिम कार्ड किसी को दें। किसी भी फ्रॉड की जानकारी तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर दें।