Bihar: बिहार पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ ‘Cyber Prahar 3.0’ अभियान शुरू किया है। इस राज्यव्यापी कार्रवाई में खगड़िया सहित 19 जिलों में छापेमारी की गई, जिसमें पहले हफ्ते में ही 50 जालसाजों क
Bihar: बिहार पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ ‘Cyber Prahar 3.0’ अभियान शुरू किया है। इस राज्यव्यापी कार्रवाई में खगड़िया सहित 19 जिलों में छापेमारी की गई, जिसमें पहले हफ्ते में ही 50 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया और 31 FIR दर्ज हुई हैं। यह पूरा अभियान Economic Offences Unit (EOU) के निर्देशों पर चलाया जा रहा है।
Cyber Prahar 3.0 में क्या कार्रवाई हुई और कहां हुई छापेमारी
पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन नेटवर्क को तोड़ना है जो फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खोलते हैं। सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां सुपौल जिले में हुईं, जहां 10 जालसाज पकड़े गए। इसके अलावा पूर्णिया, सारण, नालंदा, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधेपुरा, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी जैसे जिलों में भी छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और फर्जी KYC दस्तावेज बरामद हुए हैं।
साइबर ठगी के नए तरीके और पुलिस की चेतावनी
SP Cyber वैभव शर्मा ने बताया कि अपराधी ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के खाते) और फर्जी POS एजेंटों का इस्तेमाल कर पैसों की हेराफेरी कर रहे हैं। हाल ही में मुजफ्फरपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, जबकि पूर्वी चंपारण में पाकिस्तान, नेपाल और गल्फ देशों से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पकड़ा गया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक अकाउंट डिटेल, OTP, आधार नंबर या KYC डॉक्यूमेंट किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
साइबर अपराध की शिकायत कहां और कैसे करें
बिहार सरकार ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए EOU को नोडल एजेंसी बनाया है और सुरक्षा बुनियादी ढांचे के लिए 14.74 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकता है या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर प्रहार 3.0 अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस अभियान का मकसद संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क, म्यूल अकाउंट चलाने वालों और फर्जी आधार व दस्तावेजों का उपयोग करने वाले साइबर अपराधियों को पकड़ना और उनके नेटवर्क को खत्म करना है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या करना चाहिए
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या सरकारी पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।