Bihar: पुलिस हिरासत से लापता व्यक्ति की जांच अब CBI करेगी, पटना हाई कोर्ट ने दिया सख्त आदेश
Bihar/Bhojpur: पटना हाई कोर्ट ने बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस हिरासत से एक व्यक्ति के गायब होने के मामले में बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का सख्त आदेश दिया
Bihar/Bhojpur: पटना हाई कोर्ट ने बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस हिरासत से एक व्यक्ति के गायब होने के मामले में बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का सख्त आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की बेंच ने 7 अगस्त 2026 को यह आदेश पारित किया।
यह पूरा मामला सनोज कुमार नाम के एक 31 वर्षीय सेंट्रिंग मिस्त्री से जुड़ा है। उन्हें 13 अगस्त 2025 को बिहिया थाना क्षेत्र के धरहरा मुसहर टोली में शराब पीने के आरोप में आबकारी पुलिस ने पकड़ा था। सनोज ने अपने परिवार को फोन कर बताया था कि पुलिस उन्हें बेरहमी से पीट रही है, जिसके बाद उनका फोन बंद हो गया और वे लापता हो गए।
पुलिस ने पहले दावा किया था कि सनोज पुलिस की गाड़ी से कूदकर भाग गए थे, लेकिन हाई कोर्ट ने इस बात पर यकीन नहीं किया और इसमें बड़ी कमियां पाईं। सनोज के पिता गौरी शंकर राम ने अपने बेटे की तलाश और इंसाफ के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने पहले बिहिया थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि राज्य पुलिस की जांच पक्षपातपूर्ण थी और अधिकारियों ने मामले में कोई तत्परता नहीं दिखाई। अदालत ने इसे एक दुर्लभ मामला माना क्योंकि इसमें कई आबकारी पुलिस अधिकारी संदिग्ध हैं, इसलिए एक स्वतंत्र एजेंसी यानी CBI की जांच जरूरी है।
इस मामले में कई पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स को संदिग्ध माना गया है, जिनमें एसआई धीरज कुमार, एएसआई राजू कुमार और अन्य शामिल हैं। कोर्ट ने सीबीआई को एक खास टीम बनाने और पुलिस अधिकारियों से पूछताछ करने की छूट दी है। भोजपुर एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे सभी जरूरी कागजात सीबीआई को सौंपें। सीबीआई को 11 सितंबर 2026 तक अपनी कार्रवाई रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।