Bihar सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जी अधिकारी गिरफ्तार, ब्लूटूथ और सॉल्व्ड शीट के साथ कई लोग पकड़े गए

Bihar: राज्य में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर में एक व्यक्ति फर्जी बायोमेट्रिक अधिकारी बनकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। यह व्यक्ति अपने किस

Bihar: राज्य में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर में एक व्यक्ति फर्जी बायोमेट्रिक अधिकारी बनकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। यह व्यक्ति अपने किसी साथी की मदद करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसके पास मौजूद आईडी कार्ड फर्जी निकला। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है या नहीं।

सिर्फ मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि बिहार के कई जिलों में नकल रोकने के लिए की गई सख्ती के बाद कई गिरफ्तारियां हुई हैं। 29 जून 2026 को रेडियो ऑपरेटर परीक्षा के दौरान अलग-अलग जिलों से कुल 32 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से कुछ लोग ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे थे, तो कुछ के पास पहले से हल की हुई उत्तर पुस्तिकाएं (Solved Answer Sheets) मिलीं।

जिला पकड़े गए लोग/घटना तरीका
Muzaffarpur जय प्रकाश (जमुई निवासी) फर्जी बायोमेट्रिक अधिकारी बनकर आया
Khagaria 15 लोग (सेंटर अधीक्षक सहित) इम्पर्सनटर्स और बायोमेट्रिक कर्मचारियों की मिलीभगत
Darbhanga 7 लोग (मौसम कुमारी और भाई) ब्लूटूथ डिवाइस से बाहर से उत्तर देना
Hajipur 2 इनविजीलेटर और अधीक्षक पर FIR सॉल्व्ड आंसर शीट का इस्तेमाल
Gaya राजा कुमार सिंह ब्लूटूथ डिवाइस का उपयोग
Bettiah अजय कुमार (नवादा निवासी) डिजिटल डिवाइस से नकल

पुलिस प्रशासन ने बताया कि CSBC द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। SP भानु प्रताप सिंह और SDPO अनु कुमारी ने पुष्टि की है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिन्हें अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

इस पूरे मामले में पुलिस को शक है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय ‘सॉल्वर गैंग’ का हाथ हो सकता है। इससे पहले 2023 की परीक्षा भी पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द करनी पड़ी थी, जिसकी जांच ED और EOU जैसी एजेंसियां कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।