Bihar: बिहार में सुपारी किलिंग नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। CID और STF ने मिलकर राज्य के 350 ऐसे शूटर्स की लिस्ट तैयार की है जो पैसे लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम देते हैं। इन सभी अ
Bihar: बिहार में सुपारी किलिंग नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। CID और STF ने मिलकर राज्य के 350 ऐसे शूटर्स की लिस्ट तैयार की है जो पैसे लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम देते हैं। इन सभी अपराधियों पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि पेशेवर हत्याओं की घटनाओं को रोका जा सके।
350 शूटर्स की लिस्ट और पुलिस की कार्रवाई
CID के DIG संजय कुमार ने बताया कि पेशेवर हत्याओं को कम करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। STF के DIG संजय कुमार सिंह के मुताबिक, 1 जनवरी से 22 अप्रैल के बीच चलाए गए अभियानों से आपराधिक और नक्सली नेटवर्क काफी कमजोर हुए हैं। साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में 12 मुठभेड़ें हुईं, जिनमें 4 कुख्यात अपराधी मारे गए और 9 को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। कुल 730 अपराधियों को पकड़ा गया है, जिनमें 38 इनामी अपराधी भी शामिल हैं।
हथियारों की तस्करी और सीमा पर निगरानी
बिहार STF ने 250 से ज्यादा बड़े हथियार सप्लायरों और तस्करों की पहचान की है। जांच में यह बात सामने आई कि बिहार में 90 प्रतिशत अपराधों में देसी पिस्तौल का इस्तेमाल होता है। ये कारतूस मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड से तस्करी कर लाए जाते हैं। इसके अलावा, भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए चार नई इकाइयां बनाई गई हैं, जिसके तहत नारकोटिक्स सेल ने 62 लोगों को गिरफ्तार किया है।
नक्सली गतिविधियों की वर्तमान स्थिति
STF के अनुसार राज्य में नक्सली गतिविधियां अब लगभग खत्म हो चुकी हैं, लेकिन संवेदनशील जिलों में अभी भी पुलिस नजर रख रही है। इस साल दो नक्सलियों ने स्वचालित हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। पूरे ऑपरेशन की कमान DIG संजय कुमार संभाल रहे हैं ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार पुलिस ने कितने शूटर्स की लिस्ट तैयार की है?
बिहार CID और STF ने सुपारी लेकर हत्या करने वाले 350 शूटर्स की पहचान की है और उनकी एक विस्तृत सूची तैयार कर उन पर निगरानी शुरू कर दी है।
बिहार में हथियारों की तस्करी कहाँ से होती है?
जांच के अनुसार, बिहार में इस्तेमाल होने वाले कारतूसों की तस्करी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों से की जाती है।