Bihar में बैंक खाता फ्रीज होने की समस्या पर पुलिस अलर्ट, जानिए क्या हैं नियम और समाधान
Bihar/Bhagalpur: अगर आपका बैंक खाता अचानक फ्रीज या होल्ड हो गया है, तो बिहार पुलिस ने इसके प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया है। भागलपुर पुलिस और बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से पूछा है कि क्या उनका खाता फ्रीज
Bihar/Bhagalpur: अगर आपका बैंक खाता अचानक फ्रीज या होल्ड हो गया है, तो बिहार पुलिस ने इसके प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया है। भागलपुर पुलिस और बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से पूछा है कि क्या उनका खाता फ्रीज हुआ है। यह कदम राज्य में साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक की थी। इसमें ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (ऐसे खाते जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के पैसे रखने के लिए किया जाता है) को तेजी से फ्रीज करने और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अब उन एजेंटों और रिटेल आउटलेट्स पर भी कार्रवाई कर रही है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड बेच रहे हैं।
साइबर अपराध से निपटने के लिए बिहार पुलिस ने SBI और Intenext Solutions के साथ मिलकर ‘Cyber Secure Bihar’ पहल शुरू की है। एसटीएफ के डीजी कुंदन कृष्णन ने बताया कि डिजिटल लेन-देन में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। इसके साथ ही, साइबर धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
बैंक खाता फ्रीज होने और उसे खोलने से जुड़े कुछ जरूरी नियम नीचे दिए गए हैं:
| विवरण | नियम और प्रक्रिया |
|---|---|
| RBI गाइडलाइन (जुलाई 2024) | बैंक को खाता फ्रीज होने की सूचना 24 घंटे के भीतर ग्राहक को लिखित में देनी होगी। |
| MHA SOP (फरवरी 2026) | खाता अनफ्रीज करने के लिए एक तय समय सीमा है, जिसमें प्रत्येक चरण के लिए 15 दिन और कानूनी कारण के लिए 90 दिन का समय तय है। |
| अदालती आदेश | कलकत्ता हाई कोर्ट के अनुसार, मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना पुलिस सीधे डेबिट-फ्रीज नहीं कर सकती। |
| फ्रीज का कारण | अक्सर P2P ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी या संदिग्ध फंड ट्रांसफर की वजह से खाते फ्रीज होते हैं। |
| समाधान | बैंक से फ्रीज करने वाली अथॉरिटी की जानकारी लें और जरूरी दस्तावेज जमा करें या कोर्ट में याचिका दायर करें। |
बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा जिलों को साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है। पुलिस ने अब तक 6,251 म्यूल खातों की पहचान की है और 507 लोगों को गिरफ्तार किया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) अब बैंक कर्मियों और सीएससी ऑपरेटरों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।