Bihar की पिड़िया पेंटिंग को मिला GI टैग, दिल्ली की विनीता कुमारी ने अपने पति के सपने को किया पूरा

Bihar: बिहार के भोजपुर इलाके की पारंपरिक पिड़िया पेंटिंग (Pidia Painting) को भारत सरकार की तरफ से जीआई (GI) टैग मिल गया है। इस कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में दिल्ली में रहने वाली विनीता कुमारी की बड़ी भूमिका रही। उन्ह

Bihar: बिहार के भोजपुर इलाके की पारंपरिक पिड़िया पेंटिंग (Pidia Painting) को भारत सरकार की तरफ से जीआई (GI) टैग मिल गया है। इस कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में दिल्ली में रहने वाली विनीता कुमारी की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने अपने दिवंगत पति भुवनेश्वर भास्कर के सपने को अपना मिशन बनाया और इस लुप्त होती कला को दुनिया के सामने लाए।

रोहतास की रहने वाली विनीता कुमारी ने पिड़िया पेंटिंग को गांव की मिट्टी की दीवारों से निकालकर कागज, कपड़े और कैनवस जैसे आधुनिक माध्यमों पर उतारा। उन्होंने इस कला को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित किया, जिससे इसे पहचान मिली और अंततः वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत जीआई रजिस्ट्री ने इसे यह दर्जा दिया। इस पूरी प्रक्रिया में नाबार्ड (NABARD), बिहार सरकार और पद्मश्री डॉ. रजनीकांत का तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन मिला।

जीआई टैग मिलने से अब इस कला को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और इसकी शुद्धता बनी रहेगी। इससे भोजपुर क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों को आर्थिक लाभ होगा और बाजार में उनकी मांग बढ़ेगी। जीआई एक्ट 1999 के तहत यह रजिस्ट्रेशन 10 साल के लिए मान्य होता है, जिसे बाद में रिन्यू कराया जा सकता है। अब कोई भी बाहरी व्यक्ति या कंपनी इस नाम का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगी, जिससे असली कलाकारों की कमाई सुरक्षित रहेगी।