Bihar में फेरोमोन और स्टिकी ट्रैप पर मिलेगी 75% सब्सिडी, किसान ऐसे करें आवेदन

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए खेती की लागत कम करने और फसलों को कीटों से बचाने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। अब किसानों को फेरोमोन, येलो स्टिकी, ब्लू स्टिकी और फ्रूट फ्लाई ट्रैप खरीदने पर 75% की सब्सिडी

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए खेती की लागत कम करने और फसलों को कीटों से बचाने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की है। अब किसानों को फेरोमोन, येलो स्टिकी, ब्लू स्टिकी और फ्रूट फ्लाई ट्रैप खरीदने पर 75% की सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सके।

यह पूरी योजना प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत लागू की गई है। पौधा संरक्षण योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई 2026 से DBT Agriculture Bihar पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर शुरू हो चुके हैं। यह सुविधा खरीफ और रबी दोनों सीजन के लिए उपलब्ध है।

विवरण नियम और शर्तें
सब्सिडी दर कुल लागत का 75%
अधिकतम सीमा प्रति किसान अधिकतम 5 एकड़ (दोनों सीजन मिलाकर)
ट्रैप की संख्या 12 ट्रैप प्रति एकड़
पात्रता (भूमि) 0.25 एकड़ से 10 एकड़ तक जमीन वाले किसान
अनिवार्य दस्तावेज आधार से लिंक बैंक खाता और DBT पोर्टल पंजीकरण
पात्रता आयु न्यूनतम 18 वर्ष और बिहार का स्थायी निवासी

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को सबसे पहले कृषि विभाग द्वारा लाइसेंस प्राप्त पेस्टिसाइड वेंडर से ये ट्रैप खरीदने होंगे। खरीदारी के बाद बिल और जरूरी कागजात कृषि विभाग में जमा करने होंगे। आवेदन के लिए DBT Agriculture Bihar पोर्टल से प्राप्त 13 अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर होना अनिवार्य है। सत्यापन के बाद सब्सिडी की राशि SNA Sparsh मॉड्यूल के जरिए सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना आवश्यक है। जिन किसानों ने पिछले तीन सालों में इस योजना का लाभ लिया है, वे 2026 की सब्सिडी के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही, बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (2025-26) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के मुताबिक, जो किसान पराली जलाते पकड़े जाएंगे, उन्हें किसी भी सरकारी योजना की वित्तीय सहायता या सब्सिडी नहीं दी जाएगी। यह योजना विशेष रूप से चना, बैंगन, टमाटर, गेहूं, पत्तागोभी और अन्य फलों व सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।