Bihar: पटना पुलिस ने एक बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सवा करोड़ रुपये से ज्यादा की नशीली दवाएं बरामद की हैं। यह कार्रवाई चित्रगुप्तनगर और मुसल्लहपुर समेत कई इलाकों में छापेमारी के बाद हुई। पुलिस ने न केवल नशीले
Bihar: पटना पुलिस ने एक बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सवा करोड़ रुपये से ज्यादा की नशीली दवाएं बरामद की हैं। यह कार्रवाई चित्रगुप्तनगर और मुसल्लहपुर समेत कई इलाकों में छापेमारी के बाद हुई। पुलिस ने न केवल नशीले इंजेक्शन और सिरप पकड़े, बल्कि सांप काटने पर दी जाने वाली सरकारी दवा एंटी स्नेक वेनम भी जब्त की है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला और कौन गिरफ्तार हुआ?
पटना पुलिस ने इस ऑपरेशन में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में अर्णव कुमार और छोटू कुमार शामिल हैं, जबकि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मंटू कुमार पहले ही पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने दवाओं के साथ-साथ गाड़ियां और मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए हैं।
| जब्त सामग्री |
मात्रा/संख्या |
| नशीले इंजेक्शन |
67,050 |
| कोडिन कफ सिरप |
5,760 बोतलें |
| एंटी स्नेक वेनम |
35 पीस |
| अन्य दवाएं |
बूप्रेनोरफिन, डायजेपाम, पेंटाजोसीन और नाइट्राज़िपाम |
| वाहन |
1 कार, 2 बाइक, 1 स्कूटी |
| नकद राशि |
2,100 रुपये |
दवाओं का स्रोत और पुलिस की अगली कार्रवाई क्या है?
जांच में पता चला है कि ये इंजेक्शन और सिरप छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की कंपनियों में बने थे। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि गिरोह के मुख्य सदस्यों की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सरकारी अस्पताल की दवाएं इन तस्करों तक कैसे पहुंचीं। इसमें सरकारी कर्मचारियों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों की मिलीभगत का शक है।
कौन-कौन से इलाकों में हुई छापेमारी?
पुलिस ने पिछले एक हफ्ते से इस अभियान को चलाया था। मुख्य छापेमारी चित्रगुप्तनगर, मुसल्लहपुर, बहादुरपुर आरओबी, बकरी मंडी, कंकड़बाग के लोहिया पार्क और पोस्टल पार्क के पास और गोपालपुर के कन्नौजी टोला स्थित गोदामों में की गई। पुलिस अब रविशंकर प्रसाद और मंजीत कुमार जैसे अन्य दवा माफियाओं की तलाश कर रही है।