Bihar: पटना पुलिस ने शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल कर शराब की सप्लाई कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है औ
Bihar: पटना पुलिस ने शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल कर शराब की सप्लाई कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है और चोरी की एक बोलेरो गाड़ी बरामद की है।
कैसे पकड़े गए आरोपी और क्या था तरीका
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पीछा किया और उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए लोगों की पहचान रोहित कुमार, सत्येंद्र उर्फ बाबा और मो इम्तियाज के रूप में हुई है। ये लोग पटना के बाइपास इलाके से बोलेरो चोरी कर उसे समस्तीपुर ले गए थे, जहाँ से शराब की खेप भेजी जा रही थी। पूछताछ में पता चला कि पुलिस से बचने के लिए ये लोग जानबूझकर चोरी के वाहनों का इस्तेमाल करते थे।
चोरी के वाहनों का बड़ा नेटवर्क आया सामने
गिरफ्तार बदमाशों ने कबूला कि वे चोरी की गाड़ियों को तस्करों को बेचने का काम करते थे। आरोपियों ने 15 अप्रैल को भी एक बोलेरो चोरी करने की बात मानी है। पुलिस को मौके से एक और बोलेरो मिली है जिसे ये लोग बेचने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
गाड़ियों की जब्ती पर कोर्ट और सरकार का रुख
इस तरह के मामलों में पटना High Court ने पहले आदेश दिया था कि अगर गाड़ी का मालिक तस्करी में शामिल नहीं है, तो उसकी गाड़ी जब्त नहीं की जा सकती और उसे वापस लौटाना होगा। साथ ही, बिहार सरकार उन नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है जिसके तहत चोरी की गाड़ी के मालिक पर भारी जुर्माना लगाया जाता था। अब एक कमेटी इस पर सुझाव देगी ताकि बेगुनाह वाहन मालिकों को राहत मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुलिस ने किन लोगों को गिरफ्तार किया है
पुलिस ने रोहित कुमार, सत्येंद्र उर्फ बाबा और मो इम्तियाज नाम के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
तस्कर चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल क्यों कर रहे थे
तस्कर पुलिस की नजरों से बचने और अपनी पहचान छुपाने के लिए चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल शराब सप्लाई करने के लिए कर रहे थे।