Bihar में बड़ा रेल हादसा टला, पोर्टर की सूझबूझ से रुकी पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस

Bihar: दानापुर मंडल के अथमलगोला स्टेशन पर एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते बची. मंगलवार को पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस की पटरियों में खराबी आने के बाद एक पोर्टर की सतर्कता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली. समय रहते ट

Bihar: दानापुर मंडल के अथमलगोला स्टेशन पर एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते बची. मंगलवार को पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस की पटरियों में खराबी आने के बाद एक पोर्टर की सतर्कता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली. समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया जिससे एक गंभीर हादसा टल गया.

घटना उस समय हुई जब गाड़ी संख्या 12024 पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस बख्तियारपुर से खुलने के बाद तेज रफ्तार में अथमलगोला स्टेशन से गुजर रही थी. स्टेशन पर तैनात पोर्टर मिलन कुमार ने गौर किया कि ट्रेन के पहियों से बहुत तेज आवाज आ रही है और ट्रैक की गिट्टियां उड़कर प्लेटफॉर्म पर गिर रही हैं. खतरे को भांपते हुए मिलन कुमार ने तुरंत लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की.

ट्रेन प्लेटफॉर्म से आगे निकल गई थी, जिसके बाद स्टेशन मास्टर ने बिना देरी किए वॉकी-टॉकी के जरिए गार्ड को सूचना दी. इस अलर्ट के बाद ट्रेन को अचुआरा हाल्ट पर रोका गया. शुरुआत में गार्ड और लोको पायलट ने जब जांच की तो कोई खराबी नहीं दिखी, लेकिन जब अथमलगोला स्टेशन के पास डाउन लाइन के पोल संख्या 489/12 के पास ट्रैक की बारीकी से जांच हुई, तब असल वजह सामने आई.

विवरण जानकारी
ट्रेन का नाम और नंबर पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस (12024)
घटना का स्थान अथमलगोला स्टेशन, दानापुर मंडल
मुख्य भूमिका पोर्टर मिलन कुमार और स्टेशन मास्टर
खराबी का कारण ट्रैक का फास्टनिंग प्लेट (लोहे का प्लेट) खुल गया था
परिणाम ट्रैक में कंपन और रोड़ी उड़ रही थी

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पटरियों को स्थिर रखने वाला लोहे का प्लेट खुल गया था, जिसकी वजह से तेज गति में ट्रेन के गुजरने पर कंपन हो रहा था. पोर्टर और स्टेशन मास्टर की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई.