Bihar: पटना के इलेक्ट्रॉनिक बाजार में इन दिनों महंगाई का जोर है। पेट्रोलियम संकट की वजह से बिजली के सामानों की कीमतों में भारी उछाल आया है। चांदनी मार्केट जैसे प्रमुख बाजारों में पंखे से लेकर बिजली के तारों तक की कीमतें
Bihar: पटना के इलेक्ट्रॉनिक बाजार में इन दिनों महंगाई का जोर है। पेट्रोलियम संकट की वजह से बिजली के सामानों की कीमतों में भारी उछाल आया है। चांदनी मार्केट जैसे प्रमुख बाजारों में पंखे से लेकर बिजली के तारों तक की कीमतें 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होने की क्या है वजह?
बिजली के सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे PVC, कॉपर, एल्युमीनियम और लोहे की कीमतें बढ़ गई हैं। PVC जैसे पेट्रोलियम आधारित उत्पादों के दाम बढ़ने से वायर और केबल महंगे हो गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले तीन-चार महीनों से कीमतें हर महीने 3-4 प्रतिशत बढ़ रही थीं, लेकिन अब यह तेजी से बढ़ी हैं। इस वजह से ग्राहक अब सामान खरीदने में देरी कर रहे हैं और बाजार में भीड़ कम हो गई है।
सरकार और अधिकारियों ने क्या कहा?
बिहार के उपमुख्यमंत्री Vijay Chaudhary ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी मजबूरी में की गई है। उन्होंने इसका कारण खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और सप्लाई चेन में आई दिक्कतों को बताया है। वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Puri ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है, हालांकि तेल कंपनियों के बढ़ते नुकसान चिंता का विषय हैं।
पटना में गैस की कालाबाजारी का खुलासा
एक तरफ महंगाई बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू गैस की किल्लत का फायदा उठाने वालों पर कार्रवाई हुई है। 15 मई 2026 को पटना सिटी में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया। पुलिस ने एक दुकानदार और पिता-पुत्र समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 30 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना में बिजली के सामान कितने महंगे हुए हैं?
पेट्रोलियम संकट और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण पटना के बाजारों में पंखे और बिजली के तारों जैसे सामान 30% से 40% तक महंगे हो गए हैं।
ईंधन की कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के अनुसार, खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई और समुद्री परिवहन प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं।