Bihar: पटना के दीघा और कंकड़बाग इलाकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। यहाँ की एकीकृत अपशिष्ट जल परियोजना (Integrated Wastewater Project) को स्पेन में ‘ग्लोबल वॉटर अवार्ड 2026’ से नवाजा गया है। ग्लोबल वॉटर समिट
Bihar: पटना के दीघा और कंकड़बाग इलाकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। यहाँ की एकीकृत अपशिष्ट जल परियोजना (Integrated Wastewater Project) को स्पेन में ‘ग्लोबल वॉटर अवार्ड 2026’ से नवाजा गया है। ग्लोबल वॉटर समिट 2026 में इस प्रोजेक्ट को ‘वेस्ट वाटर प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर’ की कैटेगरी में यह सम्मान मिला है।
क्या है यह प्रोजेक्ट और कैसे काम करता है
इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद पटना शहर के गंदे पानी को गंगा नदी में गिरने से रोकना है। इसमें दीघा और कंकड़बाग क्षेत्रों के लिए कुल 1,50,000 घन मीटर प्रति दिन की क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसमें दीघा में 1,00,000 और कंकड़बाग में 50,000 घन मीटर प्रति दिन की क्षमता है। साथ ही शहर में 450 किलोमीटर लंबा सीवरेज नेटवर्क बिछाया गया है ताकि गंदगी का सही निपटारा हो सके।
किन संस्थाओं ने मिलकर किया यह काम
इस बड़े प्रोजेक्ट को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (BUIDCO) ने लागू किया है। इसे बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने 1,269.77 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी और इसमें World Bank से भी वित्तीय मदद मिली है। VA Tech Wabag कंपनी ने इसे बनाने का काम किया है और अगले 15 सालों तक इसके संचालन की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी की होगी।
अधिकारियों ने क्या कहा
BUIDCO के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि यह सम्मान नमामि गंगे मिशन और सभी सहयोगी एजेंसियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय पहचान से टीम का हौसला बढ़ेगा और भविष्य में बिहार के शहरों में जल प्रबंधन की व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दीघा-कंकड़बाग प्रोजेक्ट को कौन सा अवार्ड मिला है?
इस प्रोजेक्ट को स्पेन में आयोजित ग्लोबल वॉटर समिट 2026 में ‘वेस्ट वाटर प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर’ की श्रेणी में ‘ग्लोबल वॉटर अवार्ड’ दिया गया है।
इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आया और किसने फंड दिया?
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने इस परियोजना के लिए 1,269.77 करोड़ रुपये मंजूर किए थे और इसे World Bank से भी वित्तीय सहायता प्राप्त है।