Bihar: पटना में परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग मई 2026 से नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसें चलाने की तैयारी कर रहा है. ये बसें गांधी मैदान से शुरू होकर अटल पथ और जेपी सेतु के रास्ते सोनपुर और हाजीपुर रेलवे
Bihar: पटना में परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग मई 2026 से नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसें चलाने की तैयारी कर रहा है. ये बसें गांधी मैदान से शुरू होकर अटल पथ और जेपी सेतु के रास्ते सोनपुर और हाजीपुर रेलवे स्टेशन तक जाएंगी. इस नई पहल से करीब पांच लाख लोगों को पहली बार घर के पास से सरकारी बस की सुविधा मिलेगी, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि सफर भी आरामदायक और प्रदूषण मुक्त होगा.
किन इलाकों को मिलेगा फायदा और क्या होगा इन बसों का रूट
ये बसें मुख्य रूप से उन इलाकों को जोड़ेंगी जो अब तक केवल निजी वाहनों या ऑटो पर निर्भर थे. परिवहन विभाग ने इसके लिए रूट नंबर 444 A तय किया है. इससे शहर के व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी.
- प्रमुख मोहल्ले: पटना जंक्शन, बुद्धमार्ग, कुर्जी, दीघा बाजार, पाटलिपुत्र कॉलोनी, केशरी नगर, महेश नगर और नॉर्थ व ईस्ट पटेल नगर.
- स्टॉपेज: पूरे रास्ते में करीब 15 जगहों पर बसें रुकेंगी और हर स्टॉप पर दो मिनट का समय दिया जाएगा.
- कनेक्टिविटी: अटल पथ के दोनों ओर रहने वाली 5 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा.
- गंतव्य: गांधी मैदान से शुरू होकर ये बसें हाजीपुर और सोनपुर रेलवे स्टेशन तक जाएंगी.
समय की भारी बचत और पीएम ई-बस सेवा की जानकारी
परिवहन विभाग के इस फैसले का सबसे बड़ा असर यात्रा के समय पर पड़ेगा. अभी पटना जंक्शन से राजीवनगर जाने में जाम की वजह से लगभग एक घंटा लग जाता है, लेकिन अटल पथ के रास्ते यह सफर महज 10 मिनट में पूरा हो सकेगा. इस योजना का सर्वे अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा.
| विवरण |
जानकारी |
| शुरुआत की तारीख |
मई 2026 (संभावित) |
| बसों की संख्या |
4 इलेक्ट्रिक लग्जरी बसें |
| योजना का नाम |
पीएम ई-बस सेवा (PM-eBus Sewa) |
| पटना के लिए कुल बसें |
150 ई-बसें |
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार के अनुसार, ये बसें पूरी तरह वातानुकूलित हैं और यात्रियों को गर्मी के मौसम में राहत देंगी. केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार के छह शहरों के लिए 400 बसें मंजूर की गई हैं, जिनमें से पटना के लिए सबसे अधिक 150 बसें आवंटित हैं. उत्तर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए गांधी सेतु के विकल्प के रूप में जेपी सेतु वाला यह रूट काफी मददगार साबित होगा.