Bihar: राज्य के पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जाएंगे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के बाद बिहार पुलिस इस हाई-टेक सिस्टम को लागू करने में जुटी है. इस सुविधा से किसी भी आपात
Bihar: राज्य के पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जाएंगे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के बाद बिहार पुलिस इस हाई-टेक सिस्टम को लागू करने में जुटी है. इस सुविधा से किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं बटन दबाकर मदद मांग सकेंगी और पुलिस की टीम जल्द से जल्द मौके पर पहुंचेगी.
पैनिक बटन कैसे काम करेगा और रिस्पांस टाइम क्या होगा
अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं एवं संचार) अमित लोढ़ा ने बताया कि पार्कों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ये बटन लगाए जाएंगे. जब भी कोई महिला इस बटन को दबाएगी, तो इसकी सूचना तुरंत डायल 112 कंट्रोल रूम को मिलेगी. पुलिस की टीम 11 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी. पुलिस का लक्ष्य महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है ताकि मनचलों पर लगाम कसी जा सके.
डायल 112 सेवा का विस्तार और नए अपडेट्स
डायल 112 सेवा को अब रेलवे, NHAI, पथ परिवहन विभाग और CCTNS के साथ जोड़ा जाएगा. इसके अलावा, वाहनों में भी पैनिक बटन लगाने की संभावना पर स्टडी की जा रही है. राजीव नगर में करीब 172 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा. इस सिस्टम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक जैसे GIS मैपिंग और पेट्रोलिंग मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल होगा.
अपराधों में आई कमी और पुरानी पहलें
एडीजी अमित लोढ़ा के मुताबिक, डायल 112 की मदद से पिछले एक साल में हत्या के मामलों में 22%, लूट में 38% और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में करीब 21% की कमी आई है. बता दें कि यह सेवा 6 जुलाई 2022 को शुरू हुई थी और अब तक 55 लाख से ज्यादा लोगों की मदद कर चुकी है. इससे पहले सितंबर 2024 में ‘सुरक्षित सफर सुविधा’ भी शुरू की गई थी, जिसे अब सभी 38 जिलों में लागू कर दिया गया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के पार्कों में पैनिक बटन लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में पूर्ण सुरक्षा प्रदान करना है ताकि मनचलों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके.
पैनिक बटन दबाने के बाद पुलिस कितनी देर में पहुंचेगी
डायल 112 की टीम बटन दबने के बाद 11 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचने का लक्ष्य रखेगी.