Bihar में पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम से बढ़ा कन्फ्यूजन, त्रिवेणीगंज ऑफिस में 6 दिन में हुई सिर्फ एक रजिस्ट्री

Bihar/Bhagalpur: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए पेपरलेस सिस्टम लागू किया है। लेकिन इस नए बदलाव के बाद जमीन खरीदने और बेचने वालों के बीच भारी उलझन दिख रही है। सुपौल और त्रिवेणीगंज जैसे इ

Bihar/Bhagalpur: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए पेपरलेस सिस्टम लागू किया है। लेकिन इस नए बदलाव के बाद जमीन खरीदने और बेचने वालों के बीच भारी उलझन दिख रही है। सुपौल और त्रिवेणीगंज जैसे इलाकों में लोग सही जानकारी न होने के कारण रजिस्ट्री कराने से बच रहे हैं, जिससे निबंधन कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

त्रिवेणीगंज के अवर निबंधन कार्यालय में इस सिस्टम के आने के बाद पिछले छह दिनों में केवल एक रजिस्ट्री हुई है। लोगों को डर है कि डिजिटल प्रक्रिया में कोई गलती न हो जाए, जिसकी वजह से कई लोग कानूनी और आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। एक बड़ी समस्या यह भी है कि कई लोगों के मोबाइल नंबर उनके आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं, जबकि नए सिस्टम में यह अनिवार्य है।

इस पूरी व्यवस्था को ‘बिहार निबंधन नियम, 2026’ के तहत लागू किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 12 जुलाई 2026 को हाजीपुर से इसकी शुरुआत की थी। राज्य के 40 जिलों और उप-निबंधन कार्यालयों में 3 अगस्त 2026 से इसे पूरी तरह शुरू कर दिया गया। अब आवेदन से लेकर स्टाम्प ड्यूटी के भुगतान तक सब कुछ डिजिटल होगा और रजिस्ट्री पूरी होने के बाद खरीदार और विक्रेता दोनों के मोबाइल पर PDF कॉपी भेज दी जाएगी।

इस बदलाव का असर केवल आम जनता पर ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर बैठने वाले दस्तावेज लेखकों (कातिब) और स्थानीय दुकानदारों पर भी पड़ा है। रजिस्ट्री की संख्या घटने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ा है। हालांकि, सहायक निबंधन अधिकारी कुणाल गोस्वामी का कहना है कि ई-रजिस्ट्रेशन से लेखकों की आय कम नहीं होगी क्योंकि सरकार ने उनका पारिश्रमिक तय कर दिया है।

सरकार का लक्ष्य इस सिस्टम के जरिए धोखाधड़ी और बिचौलियों को रोकना है। अब रजिस्ट्रार चैंबर में खरीदार और विक्रेता से सीधे बात करके कड़ी जांच की जा रही है। वहीं, 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए ‘होम रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा भी दी गई है, ताकि उन्हें ऑफिस न आना पड़े। अधिकारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे लोग इस सिस्टम को समझेंगे, रजिस्ट्री की रफ्तार फिर से बढ़ जाएगी।