Bihar में पेपर लीक को लेकर छात्रों का भारी हंगामा, 18 जिलों में हाई अलर्ट, कई गिरफ्तार

Bihar: राज्य में पेपर लीक की खबरों के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। पिछले दो दिनों में बिहार के 18 जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हालात को देखत

Bihar: राज्य में पेपर लीक की खबरों के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। पिछले दो दिनों में बिहार के 18 जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हालात को देखते हुए पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

23 और 24 जुलाई को पटना, दरभंगा, बेगूसराय, कटिहार, मुंगेर और जहानाबाद जैसे जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। छात्रों ने पत्थरबाजी की, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। दरभंगा में पत्थरबाजी के दौरान सिटी SP समेत करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं कटिहार में DM ऑफिस के गेट तोड़ने की कोशिश के दौरान एक मजिस्ट्रेट की आंख में गंभीर चोट आई है। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।

पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है और अब तक 117 संदिग्धों को चिन्हित किया गया है। पटना में इस मामले को लेकर 21 FIR दर्ज की गई हैं और स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष समेत 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने पेपर लीक को अब ‘संगठित अपराध’ (Organized Crime) घोषित कर दिया है। बिहार क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA), 2024 में बदलाव किए गए हैं, जिससे पुलिस को पेपर लीक, साइबर क्राइम और सोशल मीडिया पर गलत व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की ताकत मिलेगी। सोशल मीडिया पर गलत हरकत करने वालों को छह महीने से एक साल तक की जेल हो सकती है।

नीट-UG 2024 पेपर लीक मामले में CBI ने संजीव मुखिया को क्लीन चिट दे दी है क्योंकि इस खास केस में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। हालांकि, बिहार के अन्य पेपर लीक मामलों में वह अब भी आरोपी हैं। सरकार ने साफ किया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाएगा।