Bihar: राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार ने ‘पानी पंचायत’ की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए अब गांव के लोग खुद तय करेंगे कि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल कैसे करना है। जल संसाधन विभाग ने इस पूरी प्र
Bihar: राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार ने ‘पानी पंचायत’ की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए अब गांव के लोग खुद तय करेंगे कि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल कैसे करना है। जल संसाधन विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया में जीविका (JEEViKA) की महिलाओं को शामिल किया है, ताकि जल प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके।
पानी पंचायत में महिलाओं की क्या भूमिका होगी?
इस नई व्यवस्था के तहत जीविका दीदियां जल प्रबंधन टीम का हिस्सा बनेंगी। महिलाएं अब गांव स्तर पर सिंचाई के बुनियादी ढांचे के संचालन और पानी के वितरण की निगरानी करेंगी। उन्हें सौर ऊर्जा पंप और भूमिगत पाइप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाएं सिंचाई शुल्क की वसूली और पानी से जुड़े विवादों को सुलझाने जैसे अहम फैसले भी लेंगी। इससे महिलाएं किचन गार्डन और मत्स्य पालन जैसे नए रोजगार से भी जुड़ सकेंगी।
किन जिलों में शुरू हुई यह पायलट परियोजना?
फिलहाल इस योजना को प्रायोगिक तौर पर दो जिलों में शुरू किया गया है। मुजफ्फरपुर के मोहम्मदपुर बादल क्लस्टर (लगभग 2,450 हेक्टेयर) और सारण के बंगरा किशुनपुर क्लस्टर (लगभग 2,195 हेक्टेयर) को इसके लिए चुना गया है। कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि यह अवधारणा पानी की बर्बादी रोकने और उसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए बेहतर है। अगर इन क्लस्टर्स में यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे बिहार के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
पानी बर्बाद करने पर लगेगा भारी जुर्माना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त नियमों को मंजूरी दी है। अब बिना वजह पानी बहाने वालों पर जुर्माना लगेगा। पहली बार गलती करने पर 150 रुपये, दूसरी बार में 400 रुपये और तीसरी बार में 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। बार-बार नियम तोड़ने वालों का कनेक्शन काट दिया जाएगा और प्रखंड स्तर पर FIR भी दर्ज की जाएगी। पेयजल का उपयोग गाड़ी या घर धोने के लिए करना मना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पानी पंचायत का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जल उपयोगकर्ता समितियों के माध्यम से सहभागी शासन को बढ़ावा देना है, ताकि उपलब्ध जलस्रोतों के उपभोग के तरीके तय किए जा सकें और पानी की बर्बादी रोकी जा सके।
बिहार में पानी बर्बाद करने पर कितना जुर्माना लगेगा?
पहली बार पानी बर्बाद करने पर 150 रुपये, दूसरी बार में 400 रुपये और तीसरी बार में 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। साथ ही कनेक्शन काटने और FIR दर्ज करने का प्रावधान है।